• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • ये हैं देश के टॉप कॉलेज जहां लड़कियों के लिए हैं अजीबो-गरीब फरमान

ये हैं देश के टॉप कॉलेज जहां लड़कियों के लिए हैं अजीबो-गरीब फरमान

देश की जानी-मानी यूनिवर्सिटीज भी लड़की और लड़कों में फर्क करती हैं. सुरक्षा के नाम पर इन यूनविसिर्टीज में आए दिन अजीबोगरीब आदेश आते हैं.

  • Share this:
क्‍या सीन चल रहा है? शाम के बाद तुम बाहर नहीं जा सकतीं, छोटे कपड़े मत पहनो. पूरे ढ़के हुए कपड़े पहनकर बाहर जाओ, कॉलेज में सेल्‍फी मत लो, कॉरिडोर में बाल मत संवारों, रात में बाहर जाना है तो पापा से बात कराओ, आदेशों का पालन करो वरना कार्रवाई की जाएगी,

ये सब महज बातें नहीं हैं जो रोजाना लड़कियों को सुननी पड़ती हैं, बल्‍कि ये देश के उन बड़े विश्वविद्यालयों के हॉस्टल और कॉलेजों के फरमान हैं जिन्‍होंने लड़कियों की नाक में दम कर दिया है. आइए हम आपको दिखाते हैं कुछ ऐसी ही यूनिवर्सिटी के अजीबोगरीब फरमान. न्यूज18हिन्दी के लिए प्रिया गौतम की खास रिपोर्ट:

फरमान एक: आईआईटी दिल्‍ली



आईआईटी दिल्‍ली के हिमाद्री हॉस्‍टल में लड़कियों के लिए आया नोटिस
आईआईटी दिल्‍ली के हिमाद्री हॉस्‍टल में लड़कियों के लिए आया नोटिस


आईआईटी दिल्‍ली के लड़कियों के हिमाद्री हॉस्‍टल में 16 अप्रैल 2017 को फरमान आया. जिसमें 20 अप्रैल को हॉस्‍टल के वार्षिक दिवस हाउस डे में सभी लड़कियों से मर्यादित परिधान पहन कर आने के लिए कहा गया .

हालांकि विरोध बढ़ने पर आईआईटी प्रशासन ने इससे पल्‍ला झाड़ लिया.

फरमान दो:एनआईटी,कालीकट



एनआईटी कालीकट में फर्स्‍ट ईयर लडकियों के लिए नोटिस
एनआईटी कालीकट में फर्स्‍ट ईयर लडकियों के लिए नोटिस


नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ टैक्‍नोलॉजी(एनआईटी), कालीकट.  पांच अप्रैल को एनआईटी  में फर्स्‍ट ईयर की लड़कियों के लिए नया नोटिस आया, जिसमें लड़कियों को पांच बजे के बाद किसी भी हालत में बिना वार्डन की अनुमत‍ि के बाहर जाने पर रोक लगाई गई. साथ ही इन आदेशों का  कठोरता से पालन करने के लिए कहा गया.

स्‍टूडेंट काउंसिल के विरोध के बाद इस आदेश को वापस ले लिया गया.

फरमान तीन: मिरांडा हाउस



मिरांडा में व्‍हाट्सएप पर भेजा गया मैसेज
मिरांडा में व्‍हाट्सएप पर भेजा गया मैसेज


दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय के मिरांडा हाउस कॉलेज  में नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल  (नैक) की विजिट की तैयारियों के तहत कॉलेज की ओर से हॉस्‍टल की सभी लड़कियों को व्‍हाट्सएप  नोटिस भेजा गया. जिसमें लड़कियों से शालीन पोशाक पहनकर कॉलेज में आने का आदेश देने के साथ ही बताया गया कि कॉलेज के लॉन में सोएं नहीं, खाना खाते समय यहां वहां न घूमें, बालकनी पर अंडरगारमेंट न सुखाएं, फोन काे लाॅॅॅन मेें चॉर्ज न करें.

फरमान चार: सेंट स्‍टीफन कॉलेज

सेंट स्‍टीफन में हॉस्‍टल में भरवाया गया फार्म

सेंट स्‍टीफन में हॉस्‍टल में भरवाया गया फार्म

दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय के  सेंट स्‍टीफन कॉलेज ने  मार्च में लड़कियों से भरवाए गए फार्म में लिखा है कि वार्डन,ब्‍लॉक ट्यूटर, डीन और प्रधानाचार्य को किसी भी वक्‍त हॉस्‍टल की लडकियों के रूम में आने का अधिकार है. लेकिन लड़कियों को अपने किसी भी संबंधी या गेस्‍ट को बुलाने की अनुमत‍ि नहीं है.

छात्रा देविका ने बताया कि इस फार्म के संबंध में कॉलेज की छात्राओं ने काफी बवाल किया था.

फरमान पांच: बनारस हिन्‍दू यूनिवर्सिटी



बनारस हिन्‍दु यूनिवर्सिटी में धरने- प्रदर्शन में शामिल न होने को लेकर फार्म
बनारस हिन्‍दु यूनिवर्सिटी में धरने- प्रदर्शन में शामिल न होने को लेकर फार्म


बनारस हिन्‍दू यूनिवर्सिटी के छात्रावास में लड़कियों के लिए नियमों का नोटिस हमेशा चस्‍पा रहता है. जिसमें छात्राओं से मेस में जाते वक्‍त उचित पोशाक पहनने से लेकर मेस स्‍टाफ से किसी भी हालत में बहस न करने के आदेश दिए गए हैं.

इसके साथ ही छात्राओं का कहना है कि लड़कियों से एक फार्म भरवाया जाता है जिसमें बीएचयू कैंपस में किसी धरना-प्रदर्शन में हिस्‍सा न लेने का शपथ पत्र भरवाया जाता है. इस फार्म में अभिभावकों के भी हस्‍ताक्षर कराने होते हैं.

इसके अलावा समय-समय पर लड़कियों के लिए नए-नए नोटिस आते रहते हैं.

बीएचयू की छात्रा मिनेशी बताती हैं कि इन बेहद अजीब नियमों को लेकर यहां अभी भी विरोध चल रहा है.

फरमान छह:मेघदूत हॉस्‍टल



दिल्‍ली यूनिवर्सिटी के मेघदूत हॉस्‍टल में होली को लेकर छात्राओं के लिए नोटिस
दिल्‍ली यूनिवर्सिटी के मेघदूत हॉस्‍टल में होली को लेकर छात्राओं के लिए नोटिस


दिल्‍ली विवि के मेघदूत हॉस्‍टल में होली पर लड़कियों के लिए नोटिस जारी किया गया. जिसमें 12 और 13 मार्च को हॉस्‍टल में किसी भी संबंधी फिर चाहे वो महिला हो या पुरुष के प्रवेश के लिए साफ मना किया गया. कॉरिडोर,कमरों और छत पर होली खेलने की मनाही की गई. किसी भी आदेश का उल्‍लंघन करने पर अनुशासनात्‍मक कार्रवाई के आदेश दिए गए.

 

जामिया में कई फरमानों से परेशान होकर लड़कियों ने सौंपा मांग पत्र
जामिया में कई फरमानों से परेशान होकर लड़कियों ने सौंपा मांग पत्र


फरमान सात:जामिया मिल्लिया इस्‍लामिया

हॉस्‍टल के बाहर जाने के लिए लड़कियों को पापा की अनुमत‍ि लेना अनिवार्य है. मां की अनुमत‍ि भी मंजूर नहीं की जाएगी. इसके साथ ही लड़कियों से लोकल गार्जियन बताने की मांग की जा रही है.

छात्रा आरफा ने बताया कि ऐसी करीब एक दर्जन बातें हैं जिनसे यहां की छात्राओं को परेशानी है. इस संबंध में लड़कियों ने यूनिवर्सिटी के डीन को ज्ञापन भी सौंपा है.

हालांकि जामिया मिल्लिया इस्‍लामिया की प्रवक्‍ता साइमा सईद ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा के साथ्‍ा ही हॉस्‍टल का प्रोटोकॉल छात्राओं को पूरी आजादी देता है.

फिर आया सभ्‍य ड्रेस का जिन्‍न बाहर

हाल ही में डीयू सोशल वर्क विभाग ने छात्रों से कॉमन रूम में उचित ड्रेस पहनकर आने को कहा है. दिल्ली विश्वविद्यालय के सोशल वर्क विभाग ने एक परिपत्र जारी कर छात्रावास के कॉमन रूम में छात्रों को ‘उचित परिधान’ पहनकर आने का आदेश दिया है. परिपत्र के वायरल होने के बाद विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह निर्देश केवल लड़कों के लिए जारी किया गया है. हालांकि यह नोटिस 27 अप्रैल को विभाग ने लगाया था और देखते ही देखते यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन