कोरोना वायरस के डेल्‍टा और बीटा वैरिएंट पर असरदार है कोवैक्सिन: रिसर्च

कोवैक्सिन (File pic)

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Covaxin: यह शोध कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके 20 लोगों और अध्‍ययन से 28 दिन पहले कोवैक्सिन की दोनों डोज लगवा चुके 17 लोगों पर किया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 11, 2021, 11:30 PM IST
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नई दिल्‍ली. भारत में अब कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus in India) के मामलों में कमी देखने को मिल रही है. इसके साथ ही बड़े स्‍तर पर टीकाकरण (Corona Vaccine) का अभियान भी चलाया जा रहा है. इस बीच पुणे स्थित नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और वैक्‍सीन निर्माता कंपनी भारत बायोटेक (Bharat Biotech) के संयुक्‍त शोध में दावा किया गया है कि कोवैक्सिन (Covaxin) कोरोना वायरस के डेल्‍टा और बीटा वैरिएंट पर असरदार है. यह दोनों वैरिएंट से बचाव करने में प्रभावी है.

कोरोना वायरस का डेल्‍टा वैरिएंट (बी.1.617.2) भारत में मिला था. वहीं बीटा वैरिएंट (बी.1.351) दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था. डेल्‍टा वैरिएंट को अधिक खतरनाक और जानलेवा माना जा रहा है. ऐसा माना जा रहा है कि भारत में कोरोना की खतरनाक दूसरी लहर इसी वैरिएंट के कारण आई है. हालांकि अभी तक ऐसे सबूत नहीं है, जिनसे कहा जाए कि इस वैरिएंट से अधिक मौतें हो रही हैं या इससे अधिक मामले सामने आ रहे हैं.

इस शोध की अभी विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा नहीं की गई है. यह शोध कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके 20 लोगों और अध्‍ययन से 28 दिन पहले कोवैक्सिन की दोनों डोज लगवा चुके 17 लोगों पर किया गया है. इस अध्‍ययन के अनुसार कोवैक्सिन कोरोना के डेल्‍टा और बीटा, दोनों वैरिएंट से बचाव करने में कारगर है.

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इस शोध को करने वाली टीम में आईसीएमआर प्रमुख बलराव भार्गव और भारत बायोटेक के सदस्‍य शामिल हैं. इससे कुछ दिन पहले एक शोध में यह भी दावा किया गया है कि सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्‍ड कोवैक्सिन की तुलना में शरीर में अधिक एंटीबॉडी बनाती है. इस शोध की भी अभी तक विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जानी बाकी है.

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