लाइव टीवी

सुब्रमण्यम स्वामी बोले- नेहरू ने थोपा सोवियत मॉडल, इसीलिए पीछे है हमारी अर्थव्यवस्था

भाषा
Updated: September 29, 2019, 7:33 AM IST
सुब्रमण्यम स्वामी बोले- नेहरू ने थोपा सोवियत मॉडल, इसीलिए पीछे है हमारी अर्थव्यवस्था
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ बहुत अच्छे कार्यक्रम जैसे कि मेक इन इंडिया शुरू किए हैं, लेकिन देश वृहद आर्थिक नीतियों के मोर्चे पर पिछड़ रहा है.

सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) ने मुंबई एक कार्यक्रम में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) पर आरोप लगाया कि उन्होंने देश पर सोवियत संघ का आर्थिक मॉडल थोपा.

  • भाषा
  • Last Updated: September 29, 2019, 7:33 AM IST
  • Share this:
मुंबई. भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) ने शनिवार को कहा कि देश सही आर्थिक नीतियां (Economic Policies) नहीं अपना रहा है. पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ बहुत अच्छे कार्यक्रम जैसे कि मेक इन इंडिया शुरू किए हैं, लेकिन देश वृहद आर्थिक नीतियों के मोर्चे पर पिछड़ रहा है.

स्वामी ने मुंबई एक कार्यक्रम में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर आरोप लगाया कि उन्होंने देश पर सोवियत संघ का आर्थिक मॉडल थोपा और इसी वजह से हमारी अर्थव्यवस्था पीछे है. उन्होंने कहा, ‘क्या आज हम सही आर्थिक नीतियां अपना रहे हैं, मैं माफी चाहूंगा, लेकिन नहीं हम ऐसा नहीं कर रहे हैं.’

‘क्या आज हम सही आर्थिक नीतियां अपना रहे हैं, मैं माफी चाहूंगा, लेकिन नहीं हम ऐसा नहीं कर रहे हैं.


मेक इन इंडिया और उज्ज्वला सूक्ष्म आर्थिक उपाय

स्वामी ने कहा कि मोदी ने मेक इन इंडिया, उज्ज्वला और खुले में शौच को रोकने जैसे कार्यक्रम और योजनाओं पर बहुत काम किया है. लेकिन ये सभी सूक्ष्म आर्थिक उपाय हैं, जबकि देश को वृहद-आर्थिक नीतियों की जरूरत है और इस पर हमने अब तक कोई काम नहीं किया है. हमें अब यह करना होगा क्योंकि अब हम कुछ समस्याओं का सामना कर रहे हैं.

ब्याज दरें बढ़ाए जाने से बढ़ी बेरोजगारी
स्वामी ने मुद्रास्फीति नियंत्रण के लिए ब्याज दरें बढ़ाए जाने को लेकर रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की भी आलोचना की. उन्होंने दावा किया कि इससे बेरोजगारी बढ़ी और लघु एवं मध्यम उद्योग को नुकसान पहुंचा. स्वामी ने कहा कि सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि बैंक ऋण पर ब्याज दरें नौ प्रतिशत से अधिक ना हों और लोगों को सावधि एवं बचत जमाओं पर नौ प्रतिशत ब्याज मिले.
Loading...

स्वामी ने कहा कि यदि सरकार ऐसा करती है, तो निवेश तेज होगा और इससे आर्थिक वृद्धि होगी. उन्होंने कहा कि मौजूदा चरण में माल एवं सेवाकर देश के लिए वांछित नहीं है. बचत बढ़ाने के लिए आयकर हटा देना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘नेहरू के समय हम सोचते थे कि हम 3.5 प्रतिशत से अधिक वृद्धि नहीं कर सकते. लेकिन आज हम सोचते हैं कि देश 10 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ सकता है. हमारे पास योग्यता, क्षमता और संसाधन है.’

ये भी पढ़ें- पाकिस्तान की धज्जियां उड़ाने वाली विदिशा मैत्रा बनना इतना आसान क्यों नहीं

राजनाथ सिंह बोले- INS खंडेरी आने से और मजबूत हुई नौसेना, समझ ले पाकिस्तान

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 29, 2019, 3:43 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...