SpaceX ने रचा इतिहास, रॉकेट से चार अंतरिक्ष यात्रियों को ISS के लिए भेजा

नासा ने इस मिशन को 'क्रू-1 मिशन' का नाम दिया है.(प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)
नासा ने इस मिशन को 'क्रू-1 मिशन' का नाम दिया है.(प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

नासा (NASA) को अभी तक अंतरिक्ष यात्रियों को इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) पर भेजने के लिए रूस के सोयुज रॉकेट पर निर्भर रहना पड़ता था. बता दें कि नासा ने इस मिशन को 'क्रू-1 मिशन' का नाम दिया है.

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  • Last Updated: November 16, 2020, 11:28 AM IST
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वॉशिंगटन. स्‍पेसएक्‍स रॉकेट (SpaceX) चार अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर फ्लोरिडा स्पेस सेंटर से रविवार को इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) रवाना हो गया. फॉल्‍कन रॉकेट 27 घंटे की यात्रा पूरी करने के बाद मंगलवार को करीब सुबह 9:30 बजे इंटरनैशनल स्‍पेस स्‍टेशन पहुंचेगा. इस मिशन की खास बात ये है कि इसे रॉकेट एलोन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने लॉन्च किया है.

इससे पहले नासा को अंतरिक्ष यात्रियों को आईएसएस पर भेजने के लिए रूस के सोयुज रॉकेट पर निर्भर रहना पड़ता था. रूस करीब एक दशक से नासा की मदद कर रहा था. बता दें कि नासा ने इस मिशन को 'क्रू-1 मिशन' का नाम दिया है.

बता दें कि करीब 18 साल पहले अमेरिका के मशहूर उद्योगपति एलन मस्‍क की कंपनी अंतरिक्ष में रॉकेट भेजने का काम दिया गया था. नासा एलन मस्क कंपनी की मदद से ऐसे ग्रहों पर इंसानों को भेजना चाहता है जहां पर जीवन संभव है. स्‍पेसएक्‍स रॉकेट में चार अंतरिक्ष यात्री मौजूद हैं. इन यात्रियों में से तीन अमेरिका के हैं और एक जापान का अंतरिक्ष यात्री है. नासा की ओर से मई में प्रयोग के तौर पर दो अंतरिक्ष यात्रियों को आईएसएस पर भेजने का काम किया गया था.
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इसके बाद अगस्त में स्पेसएक्स का ये रॉकेट अगस्त में दो अन्य अंतरिक्षयात्रियों को लेकर पृथ्वी पर वापस लौट आया था. स्पेसएक्स की इस सफलता के बाद एक बार फिर इसे 'क्रू-1 मिशन' के लिए भेजा गया है.
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