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BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी के भाषण पर राज्यसभा में क्यों नहीं हुई टोका-टाकी?

News18Hindi
Updated: November 20, 2019, 7:32 PM IST
BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी के भाषण पर राज्यसभा में क्यों नहीं हुई टोका-टाकी?
सुधांशु त्रिवेदी ने राज्यसभा में अपने पहले भाषण में कहा कि देश को आजादी बिना खून बहाए नहीं मिली है.

बीजेपी (BJP) प्रवक्ता से राज्यसभा सांसद बने सुधांशु त्रिवेदी (Sudhanshu Trivedi) का राज्यसभा (Rajya Sabha) में यह पहला भाषण था और संसदीय परंपरा रही है कि किसी भी नए सदस्य के पहले भाषण में कोई टोका-टिप्पणी नहीं की जाती है. संसद के शीतकालीन (Winter Session) सत्र में भी विपक्षी सदस्यों के द्वारा इस संसदीय परंपरा का पालन किया गया.

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  • Last Updated: November 20, 2019, 7:32 PM IST
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नई दिल्ली. हाल ही में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से राज्यसभा सांसद (Rajya Sabha MP) चुने गए सुधांशु त्रिवेदी (Sudhanshu Trivedi) का जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक (संशोधन) विधेयक (Jallianwala Bagh National Memorial Amendment Bill) पर राज्यसभा में दिया गया पहला भाषण (First Speech) सोशल मीडिया (Social Media) पर चर्चित हो रहा है. फेसबुक (facebook) से लेकर यूट्यूब (YouTube) तक पर लोग इसको खूब देख रहे हैं. इस वीडियो पर लोगों की ढ़ेर सारी प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं. बता दें कि मंगलवार को राज्यसभा में जलियांवाला बाग स्मारक संशोधन बिल पर बोलते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस (Congress) पार्टी पर तीखे प्रहार किए थे.

जालियांवाला बाग पर सुधांशु त्रिवेदी का कांग्रेस पर तीखा हमला

सुधांशु त्रिवेदी ने राज्यसभा में अपने पहले भाषण में कहा कि देश को आजादी बिना खून बहाए नहीं मिली है. त्रिवेदी ने जालियंवाला बाग संशोधन विधेयक पर चर्चा करते हुए कहा, 'हजारों लोगों ने जलियांवाला बाग में अपने जीवन का बलिदान दिया है. भविष्य में यह कभी नहीं कहा जाना चाहिए कि हमने रक्त की एक भी बूंद बहाए बिना ही स्वतंत्रता प्राप्त की है. जालियांवाल बाग कांड ने आजादी की लड़ाई को एक नया मोड़ दिया है. सिर्फ यह कह देना कि बिना खड़ग बिना ढाल के बिना स्वतंत्रता प्राप्त की पूरी सही बात नहीं होगी. जालियांवाला बाग में भी हजारों लोगों ने खून बहाया.'

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सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में सभी ने बराबर का योगदान दिया है.


सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में सभी ने बराबर का योगदान दिया है. देश को आजादी बिना खून बहाए नहीं मिली है. इसलिए सभी के साथ न्याय होना चाहिए. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेसी नेता बेशक जेल में रहे हैं और उनका योगदान भी भुलाने लायक नहीं है, लेकिन जिन्होंने जेल के अंदर यातनाएं झेली हैं उनका भी योगदान कम नहीं है.

अगस्त महीने में बिल को लोकसभा से पास किया गया था

बता दें कि इसी साल अगस्त महीने में लोकसभा से जलियांवाला बाग नेशनल मेमोरियल संशोधन बिल को पास किया गया था. राज्यसभा में यह बिल पहली बार लाया गया था, जिस पर सदन के सदस्य चर्चा कर रहे थे. इस बिल को मंगलवार को राज्यसभा से भी पारित कर दिया गया है. बीते मंगलवार को राज्यसभा में इस संशोधन बिल पर जोरदार बहस हुई थी. इस बिल में कांग्रेस अध्यक्ष के स्थायी सदस्य बनने का जो प्रावधान था उसको खत्म कर दिया गया है. अब कांग्रेस अध्यक्ष जालियांवाला बाग मेमोरियल ट्रस्ट के सदस्य नहीं होंगे.


बीजेपी प्रवक्ता से राज्यसभा सांसद बने सुधांशु त्रिवेदी का राज्यसभा में यह पहला भाषण था और संसदीय परंपरा रही है कि किसी भी नए सदस्य के पहले भाषण में कोई टोका-टिप्पणी नहीं की जाती है. संसद के शीतकालीन सत्र में भी विपक्षी सदस्यों के द्वारा इस संसदीय परंपरा का पालन किया गया.

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First published: November 20, 2019, 7:32 PM IST
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