GST की कमी की भरपाई के लिए राज्यों को कर्ज लेने का सुझाव ‘बेतुका’: देवगौड़ा

GST की कमी की भरपाई के लिए राज्यों को कर्ज लेने का सुझाव ‘बेतुका’: देवगौड़ा
पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा की फाइल फोटो

पूर्व प्रधानमंत्री (Former Prime Minister) एच डी देवगौड़ा (HD Deve Gowda) ने कहा कि राज्य पहले से वित्तीय दबाव (Financial pressure) में हैं. ऐसे में राज्यों को कर्ज लेने के लिए कहना एक ‘बेकार विचार’ है.

  • Share this:
बेंगलुरु. पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा (Former Prime Minister HD Deve Gowda) ने केंद्र द्वारा राज्यों को माल एवं सेवा कर (GST) में कमी की भरपाई के लिए कर्ज लेने के सुझाव को ‘बेतुकी बात’ करार दिया है. उन्होंने कहा कि केंद्र इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता. जेडी-एस (JDS) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि जीएसटी परिषद (GST Council) की पिछले सप्ताह हुई बैठक से केंद्र और राज्यों (Center and States) के पहले से नाजुक संबंध और खराब हुए हैं. देवगौड़ा ने कहा, ‘‘केंद्र का यह सुझाव कि राज्य जीएसटी मुआवजे (GST compensation) में करीब 2.35 लाख करोड़ रुपये की भरपाई कर्ज लेकर करें, को लेकर अच्छी राय नहीं बनी है.’’

पूर्व प्रधानमंत्री (Former Prime Minister) ने कहा कि राज्य पहले से वित्तीय दबाव (Financial pressure) में हैं. ऐसे में राज्यों को कर्ज लेने के लिए कहना एक ‘बेकार विचार’ है. उन्होंने कहा कि जुलाई, 2017 में राज्यों ने माल एवं सेवा कर (GST) व्यवस्था को लागू करने की अनुमति दी थी और कर लगाने के अपने अधिकार (rights) को छोड़ दिया था.

केंद्र सरकार ने राज्यों  को राजस्व नुकसान की भरपाई का भरोसा दिया था
देवगौड़ा ने कहा, ‘‘राज्य इस पर इसलिए सहमत हुए थे कि केंद्र सरकार ने उनको राजस्व नुकसान की भरपाई का भरोसा दिया था. मैं इस राय से सहमत हूं कि राज्यों को मुआवजा देने के लिए कर्ज लेने की जिम्मेदारी केंद्र की है, वह अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता.’’
यह भी पढ़ें: भ्रष्ट और अयोग्य कर्मचारियों को हटाएगी मोदी सरकार, किए जाएंगे रिटायर



केंद्र ने शनिवार को राज्यों को सुझाव दिया था कि वे चालू वित्त वर्ष में जीएसटी राजस्व में करीब 2.35 लाख करोड़ रुपये की कमी की भरपाई के लिए कर्ज ले सकते हैं. जीएसटी परिषद की बैठक में यह सुझाव देने के दो दिन बाद वित्त मंत्रालय ने राज्य सरकारों को पत्र लिखकर सुझाव दिया था कि केंद्र सरकार रिजर्व बैंक के जरिये उन्हें विशेष सुविधा उपलब्ध कराएगी जिसके माध्यम से वे कर्ज ले सकते हैं या फिर वे बाजार से कर्ज जुटा सकते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज