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कोविड की आड़ और टेलीग्राम का सहारा, सुकेश चंद्रशेखर ने तिहाड़ से ऐसे रची 200 करोड़ रुपये की ठगी की कहानी

कोविड की आड़ और टेलीग्राम का सहारा, सुकेश चंद्रशेखर ने तिहाड़ से ऐसे रची 200 करोड़ रुपये की ठगी की कहानी

सुकेश चंद्रशेखर मामले में कई नए खुलासे हुए हैं.

सुकेश चंद्रशेखर मामले में कई नए खुलासे हुए हैं.

Who is Sukesh Chandrashekhar: खास बात है कि अनूप कुमार बनकर बात कर रहे सुकेश ने अदिति को खासतौर से बातचीत के नियमों के संबंध में जानकारी देने के लिए तीन बार कॉल किया और लैंडलाइन नंबरों की ओर ध्यान आकर्षित कराया. साथ ही सुकेश ने सिंह को इंटरनेट और ट्रूकॉलर पर नंबर की जानकारी हासिल करने की सलाह दी. जब अदिति ने नंबरों की जांच की, तो पाया कि कॉल कानून सचिव के कार्यालय से आया था.

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    नई दिल्ली. तारीख थी 15 जून, 2020, जब रैनबैक्सी के पूर्व मालिक शिवेंद्र सिंह (Shivendra Singh) की पत्नी अदिति सिंह (Aditi Singh) को एक फोन आया. यहां फोन करने वाले ने खुद को भारत सरकार का कानून सचिव बताया और उनके पति को जेल से बाहर निकालने में मदद करने का भरोसा दिया. फोन पर बातचीत का यह सिलसिला मई 2021 तक चला, लेकिन तब तक खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाला महाठग सुकेश चंद्रशेखर तिहाड़ जेल में बैठकर अदिति से 200 करोड़ रुपये से ज्यादा ऐंठ चुका था. जब प्रवर्तन निदेशालय को इसकी सूचना लगी, तो पूरे रैकेट का भंडाफोड़ हुआ. अब इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं.

    इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, करीब एक साल में सुकेश ने कई मोबाइल ऐप और मॉड्युलेशन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर अदिति सिंह को कॉल किए. इस दौरान उसने खुद को कानून सचिव, गृह सचिव, गृहमंत्री अमित शाह का प्रतिनिधि, प्रधानमंत्री कार्यालय का प्रतिनिधि बताया. सिंह को पहली बार 15 जून 2020 को कॉल आया, जहां एक महिला ने उन्हें कहा कि कानून सचिव अनूप कुमार बात करना चाहते हैं. इसके बाद फोन पर एक व्यक्ति की आवाज आई, जिसने खुद को कानून सचिव अनूप कुमार बताया. दरअसल, यह कोई और नहीं महाठग सुकेश चंद्रशेखर था. उसने कहा कि वह पीएमओ के निर्देश पर कॉल कर रहा है.

    खास बात है कि अनूप कुमार बनकर बात कर रहे सुकेश ने अदिति को खासतौर से बातचीत के नियमों के संबंध में जानकारी देने के लिए तीन बार कॉल किया और लैंडलाइन नंबरों की ओर ध्यान आकर्षित कराया. साथ ही सुकेश ने सिंह को इंटरनेट और ट्रूकॉलर पर नंबर की जानकारी हासिल करने की सलाह दी. जब अदिति ने नंबरों की जांच की, तो पाया कि कॉल कानून सचिव के कार्यालय से आया था.

    कुमार बनकर बात कर रहे सुकेश ने कानूनी मामलों को सुलझाने के लिए जानकारी के साथ-साथ संपर्क के तरीके और नियमों पर भी खास निर्देश दिए. छोटी बातचीत में सुकेश ने मदद का भरोसा दिया और अपने जूनियर के साथ संपर्क में रहने के निर्देश दिए. अदिति को बताया गया कि उन्हें टेलीग्राम के जरिए संपर्क किया जाएगा और बताया जाएगा कि आगे क्या करना है और ‘जय हिंद’ के साथ कॉल समाप्त कर दिया.

    उसी दिन सुकेश ने अभिनव बनकर अदिति को कॉल किया और खुद को अनूप कुमार का जूनियर बताया. उसने कहा कि उसे माननीय पीएमओ और माननीय गृहमंत्रालय की तरफ से समन्वय करने के निर्देश थे. अब सुकेश ने अनूप और अभिनव बनकर अगले कुछ हफ्तों में अदिति को पूरी तरह यह भरोसा दिला दिया कि उनकी काफी निगरानी की जा रही है, IB और अन्य एजेंसियां उनके फोन कॉल और गतिविधियों पर नजर रख रही हैं. हालांकि, इस दौरान वह यह बात भी दोहराता रहा कि उसे देश के शीर्ष दफ्तरों से लैंडलाइन के जरिए कॉल आ रहे हैं और यह सरकार की तरफ से मिल रहे समर्थन का सबूत है. अभिनव बनकर सुकेश ने टेलीग्राम का इस्तेमाल इस तरह से किया कि अदिति दोबारा उसे कॉल न कर सके. वह टेलीग्राम मैसेज औऱ कॉल के जरिए हर रोज बात करता था.

    यह भी पढ़ें: सुकेश चंद्रशेखर कौन है? जैकलीन फर्नांडिज से क्या है रिश्ता और कैसे बना महाठग! पूरी कहानी

    ऐसे शुरू हुआ पैसे मांगने का सिलसिला
    रिपोर्ट के अनुसार, पहले तीन कॉल के बाद अदिति को बताया गया कि उन्हें पार्टी फंड में योगदान करना होगा. साथ ही यह भी कहा गया कि उन्हें कुछ समय में निर्देशों के अनुसार, पार्टी कार्यालय या नॉर्थ ब्लॉक में सीनियर्स से मुलाकात करने आना होगा. इसके बाद अनूप बनकर सुकेश ने अदिति से 20 करोड़ रुपये की मांग रखी और कहा कि अभिनव इन रुपयों की डिलीवरी की जानकारी देगा. इसके बाद अदिति पति के बाहर आने और कारोबार के दोबारा रफ्तार पकड़ने की उम्मीद में ठग को महीनों तक रुपये देती रहीं.

    कॉल के दौरान सुकेश सरकारी अधिकारी बनकर लगातार अदिति को यह भरोसा दिलाता रहा कि सबकुछ ठीक होगा. बाद में उसने अभिनव बनकर केस की जटिलताओं का हवाला देते हुए कहा कि योगदान 100 करोड़ रुपये का होगा. इस दौरान उसने अदिति के मन में यह डर भी पैदा कर दिया कि वह इस बारे में किसी से भी चर्चा नहीं करे नहीं तो परिणाम गंभीर होंगे.

    खास बात यह है कि कोरोना वायरस के चलते लगी पाबंदियों ने सुकेश की बहुत मदद की. इस दौरान कभी भी मिलना या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नहीं हुई. सुकेश ने अदिति को बातों में फंसाकर संपत्तियों को बेचने के लिए तैयार कर लिया. महाठग को पैसा चुकाने के चक्कर में अदिति ने अपने बच्चों की संपत्तियां बेच दी और रिश्तेदारों औऱ दोस्तों से कर्ज ले लिया.

    Tags: Aditi singh, Ranbaxy, Shivendra Singh, Sukesh Chandrashekhar

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