पीएम नरेंद्र मोदी को 'गलत' मान चुके सुल्तान ने बताई अपनी सोच बदलने की पूरी कहानी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सुल्तान अलीमुद्दीन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सुल्तान अलीमुद्दीन

गुजरात के गांधीनगर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पेट्रोलियम विश्वविद्यालय (PDPU- Gandhi Nagar) के पूर्व छात्र सुल्तान अलीमुद्दीन (Sultan Alimuddin) ने लिखा, 'नरेंद्र मोदी के गुजरात में मुझे एक मिनट भी असहज नहीं लगा. वातावरण में कोई बेचैनी नहीं थी. सब कुछ सही था. लोग मददगार थे. वातावरण में शांति महसूस की जा सकती है. कोई पूर्वाग्रह, असहिष्णुता नहीं थी.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 21, 2020, 1:55 PM IST
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गांधीनगर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) शनिवार को गुजरात के गांधीनगर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पेट्रोलियम विश्वविद्यालय (PDPU- Gandhi Nagar) के आठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए. इसी विश्वविद्यालय के एक पुराने छात्र ने प्रधानमंत्री का स्वागत अपने साथ उनकी मुलाकातों का जिक्र करके किया. छात्र का नाम सुल्तान अलीमुद्दीन है. अलीमुद्दीन उसी यूनिवर्सिटी के छात्र थे, जहां प्रधानमंत्री ने आज छात्रों को संबोधित किया.

अलीमुद्दीन ने अपनी और पीएम मोदी (तब गुजरात के सीएम) की मुलाकात का जिक्र करते हुए लिखा- 'आज मेरे यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह है, जहां पीएम नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि हैं. पीडीपीयू के सबसे पुराने पूर्व छात्रों में से एक के रूप में मेरे पास बहुत सारी यादे हैं. मैंने मोदी सर के साथ कई मीटिंग्स की हैं. एक बार मैंने उन्हें पवित्र कुरान भी भेंट की थी.'

'मोदी सर के साथ मेरी पहली बातचीत संयोग से हुई'
माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक के एक सिलेसिलेवार ट्वीट्स करते हुए अलीमुद्दीन ने लिखा, 'नरेंद्र मोदी सर के साथ मेरी पहली बातचीत संयोग से हुई, जब मैंने उन्हें उनकी सरकार के कामकाज पर एक ट्वीट किया और मुझे सीएमओ, गुजरात में एक विस्तृत बैठक के लिए आमंत्रित किया गया. उनके साथ मेरी छह मुलाकातों में से वह पहली थी. इसमें उनके साथ मेहसाणा जाना भी शामिल है.'
PDPU के पूर्व छात्र अलीमुद्दीन ने लिखा- 'मैं पीडीपीयू में पढ़ने के लिए साल 2008 में गुजरात आया था. उस समय मैं गुजरात आने के विचार से खुश नहीं था. मेरे दिमाग में गुजरात का मतलब दंगे और भूकंप थे. मेरे दोस्तों ने मुझे गुजरात से दूर रखने के लिए कहा था, लेकिन मोदी सर के साथ बातचीत और राज्य ने मेरी धारणा और मानसिकता बदलने में मदद की.'


अप्रैल 2010 में हुई पहली मुलाकातअलीमुद्दीन ने ट्वीट किया, 'मार्च 2010 के आसपास के अखबार एसआईटी जांच से जुड़ी खबरों से भरे रहते थे, जिसने मुझे नरेंद्र मोदी सर से खुद ही सटीक सच्चाई जानने की ओर आकर्षित किया और 1 अप्रैल को 2010 को उनसे मेरी पहली मुलाकात हुई.'प्रधानमंत्री मोदी पर एक किताब लिख चुके अलीमुद्दीन ने ट्वीट किया, 'मोदी सर ने अपनी एक बैठक में मुझे जो बताया वह मैं कभी नहीं भूलूंगा. उन्होंने कहा, 'मैंने मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया है. लेकिन यह ध्यान दें कि मैंने हिंदुओं, जैन, सिखों के लिए भी कुछ नहीं किया है. मैं 5.5 करोड़ गुजरातियों के लिए जिम्मेदार हूं और मैं जो कुछ भी करता हूं, उनके लिए करता हूं.'उन्होंने लिखा, 'नरेंद्र मोदी के गुजरात में मुझे एक मिनट भी असहज नहीं लगा. वातावरण में कोई बेचैनी नहीं थी. सब कुछ सही था. लोग मददगार थे. वातावरण में शांति महसूस की जा सकती है. कोई पूर्वाग्रह, असहिष्णुता नहीं थी.'अलीमुद्दीन ने लिखा, 'मेरे धर्म के कारण मेरे रास्ते में कभी कोई दिक्कत नहीं आई. कॉलेज में दो दर्जन से अधिक कार्यक्रमों के प्रबंधन, संचालन और स्पॉन्शरशिप हासिल करने के दौरान मुझे लोगों से मिलने में कोई समस्या नहीं आई. मेरा इंजीनियरिंग का जीवन एक यादगार यात्रा बन गया और अब मेरी सीमा आसमान थी.' ऊर्जा महाशक्ति बनाना चाहते हैं पीएमउन्होंने लिखा, 'मेरी अगली बैठकों के दौरान नरेंद्र मोदी सर ने बताया कि उनकी नजर पीडीपीयू को भारत के ऊर्जा उद्योग में एक जीवन रेखा बनाना है. उनका सपना भारत को तेल और गैस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है, जहां हम 80% से अधिक मांग का आयात करते हैं. वह हमें एक ऊर्जा महाशक्ति बनाना चाहते हैं.'अलीमुद्दीन ने सिलसिलेवार ट्वीट्स में लिखा, 'उन्होंने (PM) यह भी जोड़ा कि वह चाहते हैं कि हर युवा पूरे दिल से काम करे. खुले दिल, दिमाग के साथ अपने सपनों को पूरा करें और हार न मानें.एक युवा होने के नाते, आपको किसी भी चीज़ के लिए लड़ने में सक्षम हों. साथ ही इसके लिए बिना किसी भय के साथ खड़े रहना चाहिए.'सात साल पुरानी एक मुलाकात का जिक्र करते हुए अलीमुद्दीन ने लिखा, मोदी सर ने दिसंबर 2013 में मुझसे जो कहा था वह मैं कभी नहीं भूलूंगा. उन्होंने कहा था- हार मत मानो, क्योंकि दुनिया हमेशा आपके रास्ते में अड़चन डालेगी. यदि आप लंबे समय में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं, तो दिक्कतों को दोस्त बना लें. अपने सपनों को पूरा करें. आज की दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है.'


PDPU में 2600 छात्रों को मिला डिग्री-डिप्लोमा
अलीमुद्दीन ने लिखा, आज मैं एक पेशेवर हूं, अपने करियर में बढ़ रहा हूं. मैंने भारत और विदेश दोनों जगह काम किया है. विश्व स्तर पर भारत की छवि में एक बड़ा बदलाव आया है. मुझे इस बात पर गर्व है कि मोदी सर को क्या खास बनाता है इस पर मैंने अपनी किताब ON Point लिखी है.

बता दें शनिवार को समारोह के दौरान पीएम मोदी ने 45 मेगावाट की उत्पादन क्षमता वाले एक मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल और जल तकनीक के एक उत्कृष्ट केंद्र का शिलान्यास किया. इसके साथ ही इस दौरान प्रधानमंत्री ने नवोन्मेषी केन्द्र, चिकित्सा संबंधी शोध केंद्र और खेल परिसर का उद्घाटन भी किया. PDPU दीक्षांत समारोह में 2600 छात्रों को उनकी डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए.
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