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सुनंदा पुष्कर केस में शशि थरूर को मिली नियमित बेल

शशि थरूर और उनकी दिवंगत पत्नी सुनंदा पुष्कर की फाइल फोटो

शशि थरूर और उनकी दिवंगत पत्नी सुनंदा पुष्कर की फाइल फोटो

पटियाला हाउस कोर्ट ने तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर को इस मामले में आरोपी के तौर पर पहले ही तलब किया था.

    सुनंदा पुष्कर की करीब चार साल पहले एक आलीशान होटल में हुई मौत के मामले में उनके पति और कांग्रेस सांसद शशि थरूर को कोर्ट ने आज नियमित जमानत दे दी. पटियाला हाउस कोर्ट ने तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर को इस मामले में आरोपी के तौर पर पहले ही तलब किया था.

    थरूर जब कोर्ट में पेश हुए तो जज ने उन्हें रेल्यूलर बेल देते हुए कहा कि थरूर को अग्रिम जमानत मिली हुई है, ऐसे में उन्हें बेल के लिए औपचारिक याचिका की जरूरत नहीं. दरअसल थरूर ने गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की थी, जिससे कोर्ट ने पहले ही मंजूर कर लिया था. जज ने थरूर को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी. साथ ही उन्हें साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करने और बिना अनुमति के देश नहीं छोड़ने के निर्देश भी अदालत ने दिए.

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    बता दें कि सुनंदा 17 जुलाई 2014 को दिल्ली के एक आलीशान होटल के कमरे में मृत पाई गई थीं. यह दंपति उस समय होटल में ठहरा हुआ था क्योंकि उनके सरकारी बंगले की मरम्मत हो रही थी.

    अदालत ने पांच जून को थरूर को समन जारी कर उन्हें सात जुलाई को पेश होने को कहा था और माना था कि उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के पर्याप्त आधार हैं. थरूर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 498A (पति या रिश्तेदार द्वारा महिला को प्रताड़ना) और 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत आरोप लगाये गए हैं. इस मामले में हालांकि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया.

    इससे पहले अदालत ने थरूर को अग्रिम जमानत देते हुए कहा था कि अभियोजन पक्ष की इन आशंकाओं का कोई आधार नहीं है कि थरूर विदेश भाग जाएंगे या गवाहों को प्रभावित करेंगे. अदालत ने ध्यान दिलाया कि जांच एजेंसी ने थरूर को गिरफ्तार नहीं किया और जब भी पुलिस ने जांच के लिए उन्हें तलब किया तो उन्होंने सहयोग दिया. उसने यह भी ध्यान दिलाया कि थरूर ने कभी न्याय तंत्र से बचने या दूसरे देश में बस जाने का प्रयास नहीं किया.

    अदालत ने अपने सात पन्नों के आदेश में ध्यान दिलाया कि थरूर लोकसभा के सदस्य हैं और यूपीए सरकार के दौरान विदेश राज्यमंत्री थे. थरूर ने अपनी जमानत याचिका में कहा था कि मामले में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है और एसआईटी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जांच पूरी हो गयी है और हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जरूरत नहीं है.

    Tags: SHASHI THAROOR

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