Home /News /nation /

प्रदूषण के खिलाफ किस लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन पर काम कर रही सरकार, SC को बताया

प्रदूषण के खिलाफ किस लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन पर काम कर रही सरकार, SC को बताया

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार ने जवाब दिया है.

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार ने जवाब दिया है.

Air Pollution: सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि दीर्घकालिक कदम उठाने लिए NEERI विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाई गई है, ताकि हर साल सामने आने वाली इस समस्या का स्थाई समाधान खोजा जा सके. इसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई अगले साल पांच फरवरी के लिए स्थगित कर दी.

अधिक पढ़ें ...

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दिल्ली एनसीआर और इसके आसपास के इलाकों के प्रदूषण को काबू करने के लिए केंद्र और वायु गुणवत्ता आयोग द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर गुरुवार को संतोष जाहिर किया. हालांकि कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया कि वो दीर्घकालीक कदम उठाने के लिए जनता और विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित करे और उनमें से उचित सुझावों पर अमल किया जाए. सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि दीर्घकालिक कदम (Long term Steps) उठाने लिए NEERI विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाई गई है, ताकि हर साल सामने आने वाली इस समस्या का स्थाई समाधान (Permanent Solution) खोजा जा सके. इसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई अगले साल पांच फरवरी के लिए स्थगित कर दी.

इससे पहले कोर्ट को ये भी बताया गया कि अभी निर्माण कार्यों (Construction Works) पर प्रतिबंध जारी है और स्कूलों को भी फिलहाल ऑनलाइन मोड पर ही चलाया जा रहा है. हालांकि अस्पताल जैसे जरूरी निर्माण कार्य चल रहे हैं, अंदरूनी निर्माण भी हो सकते हैं, लेकिन बाकी निर्माण कार्य बंद हैं और इसकी निगरानी रखने के लिए चालीस फ्लाइंग स्कावड भी बनाए गए हैं.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने ने 3 दिसंबर को केंद्र और एनसीआर के राज्यों को निर्देश दिया था कि वे एनसीआर और आसपास के इलाकों में प्रदूषण की रोकथाम के लिये वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेशों को लागू करें. साथ ही सुनिश्चित करने के लिये प्रस्ताव देने को कहा था कि सभी औद्योगिक इकाइयां समयबद्ध रूप से पीएनजी या स्वच्छ ईंधन का उपयोग करना शुरू करें या बंद रहे.

ये भी पढ़ें: कोविड-19 वैक्सीन को बनाया जा सकता है वेरिएंट प्रूफ- शोध

शराब निर्माताओं की सुप्रीम कोर्ट में अर्जी
बता दें कि वायु प्रदूषण के चलते दिल्ली-एनसीआर में औद्योगिक इकाईयों पर लगी पाबंदी के खिलाफ हरियाणा के शराब निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है. शराब निर्माताओं ने औद्योगिक इकाइयों पर लगी समय पाबंदी से छूट की मांग की है. हरियाणा लिकर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर की गई याचिका में शराब निर्माताओं ने समय की पाबंदी के कारण वित्तीय नुकसान का हवाला दिया है.

याचिका में कहा गया है कि समय की पाबंदी यूनिट के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से काम करने वाले 1,000 श्रमिकों और उनके परिवारों को प्रभावित कर रही है. इसके साथ ही शराब निर्माता कंपनियों का दावा है कि फैक्ट्री बायोमास ईंधन के रूप में पराली का उपयोग करती है जिससे प्रदूषण को कम करने में मदद मिलती है.

Tags: Air pollution, Supreme Court

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर