पंजाब-हरियाणा और UP में पराली जलाने की निगरानी करेंगे रिटायर्ड जज मदन बी लोकुर

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पराली जलाने (Burn the Stubble) पर पाबंदी के लिये दायर याचिका पर मंगलवार को केन्द्र और पंजाब (Punjab), हरियाणा (Haryana) तथा दिल्ली (Delhi) राज्यों को नोटिस जारी किये थे (फाइल फोटो)
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पराली जलाने (Burn the Stubble) पर पाबंदी के लिये दायर याचिका पर मंगलवार को केन्द्र और पंजाब (Punjab), हरियाणा (Haryana) तथा दिल्ली (Delhi) राज्यों को नोटिस जारी किये थे (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पराली जलाने (Burn the Stubble) पर पाबंदी के लिए दायर याचिका पर बीते मंगलवार को केंद्र और पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किये थे. इन राज्यों को 16 अक्टूबर तक नोटिस का जवाब देना था.

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  • Last Updated: October 16, 2020, 2:49 PM IST
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नई दिल्ली. पंजाब-हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने (Burn the Stubble) की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने रिटायर्ड जज मदन बी लोकुर (Madan B Lokur) को नियुक्त किया है.

दरअसल, हर साल सर्दियों से पहले पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों द्वारा खेतों में पराली जलाने से इन राज्यों सहित राजधानी दिल्ली में  वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ जाती है. प्रदूषण का लेवल इतना बढ़ जाता है कि लोगों का सांस लेना भी दूभर हो जाता है. ऐसे में जब कोरोना महामारी फैली हुई है, प्रदूषण से और ज्यादा खतरा हो सकता है. इसलिए इस बार सुप्रीम कोर्ट ने खुद इस मामले में दखल दिया है.

शीर्ष अदालत ने पराली जलाने पर निगरानी रखने के लिए एक मॉनिटरिंग टीम का गठन किया है. मॉनिटरिंग के लिए रिटायर्ड जस्टिस मदन बी. लोकुर को चुना गया है. इन तीनों राज्यों के चीफ सेक्रेटरी जस्टिस लोकुर को सहयोग करेंगे. इसमें NCC/NSS और भारत स्काउट/गाइड के लोग भी सहयोग करेंगे. यह कमेटी फिजिकल सर्वे करेगी.



सुप्रीम कोर्ट ने पराली जलाने (Burn the Stubble) पर पाबंदी के लिए दायर याचिका पर बीते मंगलवार को केंद्र और पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किये थे. इन राज्यों को 16 अक्टूबर तक नोटिस का जवाब देना था.



चीफ जस्टिस एसए बोबडे (Chief Justice SA Bobde), जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामसुब्रमणियन की पीठ ने इस मामले की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करते हुए इन राज्यों के अलावा पर्यावरण एवं वन मंत्रालय (Ministry of Environment and Forests) को भी नोटिस जारी किया था.

दरअसल, कोर्ट ने 12वीं कक्षा के छात्र आदित्य दुबे और कानून के छात्र अमन बांका की जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रहा था. याचिका में दलील दी गयी कि दिल्ली के प्रदूषण (Pollution of Delhi) में लगभग 40 फीसदी योगदान पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण का रहता है.

पराली जलाने पर रोक के लिए याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र और राज्यों को नोटिस

मामूली कोविड-19 को गंभीर संक्रमण के स्तर पर ले जा सकता है वायु प्रदूषण
याचिका में हार्वर्ड विश्वविद्यालय के एक अध्ययन का उल्लेख किया गया है कि मामूली कोविड-19 को गंभीर संक्रमण के स्तर पर ले जाने में वायु प्रदूषण की मूख्य भूमिका हो सकती है.

याचिका में कहा गया है, ‘‘अत: दिल्ली-एनसीआर में तेजी से नियंत्रण बाहर हो रहे कोविड के दौर में इस साल वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि कोविड-19 के कारण नागिरकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिक और बच्चों, में सांस लेने में होने वाली समस्या की वजह से मृत्यु की दर में तेजी से वृद्धि हो सकती है.’’
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