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सुप्रीम कोर्ट ने असम में कैद विदेशी नागरिकों के मांगे आंकड़े, तीन हफ्ते का दिया वक्त

सुप्रीम कोर्ट ने असम में कैद विदेशी नागरिकों के मांगे आंकड़े, तीन हफ्ते का दिया वक्त

सुप्रीम कोर्ट ( प्रतीकात्मक तस्वीर)

सुप्रीम कोर्ट ( प्रतीकात्मक तस्वीर)

पीठ ने पूछा कि अब तक कितने लोगों को विदेशी करार दिया गया है और उनमें से कितनों को अब तक वापस उनके देश भेज दिया गया है.

    सुप्रीम कोर्ट ने असम में चल रहे हिरासत केंद्रों और पिछले 10 साल के दौरान वहां हिरासत में लिए गए विदेशी नागरिकों की संख्या समेत कई ब्यौरे उपलब्ध कराने के लिए सोमवार को निर्देश दिए. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ कार्यकर्ता हर्ष मंदर की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. यह याचिका असम के हिरासत केंद्रों और वहां लंबे समय से हिरासत में रखे गए विदेशी नागरिकों की स्थिति को लेकर दायर की गई है.

    सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से हिरासत केंद्रों, वहां के कैदियों की अवधि और विदेशी नागरिक अधिकरण के सामने दायर किए गए उनके मामलों की स्थिति को लेकर कई विवरण मांगे हैं. पीठ ने कहा, 'मैं यह जानना चाहता हूं कि वहां कितने हिरासत केंद्र हैं और वहां कितने लोग, कब से कैद हैं.'

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    पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से भी इस संबंध में ब्यौरे उपलब्ध कराने को कहा है. पीठ ने पूछा कि अब तक कितने लोगों को विदेशी करार दिया गया है और उनमें से कितनों को अब तक वापस उनके देश भेज दिया गया है. पीठ ने पिछले 10 साल के दौरान भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले विदेशियों का हर साल का ब्यौरा भी मांगा है. ये सारे आंकड़े उपलब्ध कराने के लिए कोर्ट ने अधिकारियों को तीन हफ्ते का समय दिया है.
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    Tags: Assam, Justice Ranjan Gogoi, NRC Assam, Supreme Court, Supreme court of india

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