महिला बोली- शादी नहीं पैसों में है दिलचस्पी, कोर्ट ने पति से कहा- एक करोड़ दे दो

फाइल फोटो
फाइल फोटो

पति अमेरिका में काम करता है, अदालत ने उसे भी बिना अनुमित के देश छोड़ कर जाने से मना किया है. दोनों की शादी साल 2000 में हुई थी और वह अमेरिका चले गए थे, जहां महिला ने मेडिकल एजुकेशन की पढ़ाई की और काम करना शुरू किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 9, 2018, 12:03 PM IST
  • Share this:
सुप्रीम कोर्ट ने एक शख्स की पत्नी के बयान को ध्यान में रख कर आदेश किया दिया कि वह अपनी पत्नी को 1 करोड़ रुपए दे. शख्स की पत्नी ने कहा था कि उसे शादी में नहीं बल्कि पैसों दिलचस्पी है. जस्टिस जोसेफ कुरियन की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश में कहा है कि शख्स 16 महीने के भीतर प्रति चार महीने पर पच्चीस लाख रुपए अदा करेगा.

पीठ ने कहा, ' पत्नी ने जवाब जमा किया है कि वह सिर्फ अपने पैसे वापस चाहती है. पति ने भी जवाब दिया है कि वह भी सारा मामला सुलझा लेना चाहता है. ऐसी परिस्थिति में हम यह समझने में अक्षम रहे कि वह किस लिए लड़ रहे थे. '

पति ने भी अदालत में कहा था कि अब उनके रिश्ते में कोई सुधार नहीं आ सकता. अब वे पति और पत्नी की तरह साथ नहीं रह सकते. इस पर अदालत ने कहा कि अगर पैसा ही एकमात्र चीज थी जिसके चलते अलग-अलग अदालत गए तो अब इसे बंद कर देना चाहिए.



यह भी पढ़ें:  सुप्रीम कोर्ट ने RBI से पूछा- कम ब्याज दर का फायदा लोगों को क्‍यों नहीं मिल रहा
पत्नी ने आरोप लगाया था कि उसके पति और ससुराल वाले लगातार दहेज मांग रहे थी और उनके पिता को ससुराल वालों की लालच को पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़ा था. उसने आरोप लगाया कि कथित रूप से उसके साथ क्रूरता की गई और जबरन तलाक के कागजात पर दस्तखत कराया. इस जोड़े के बीच कई दिल्ली से फरीदाबाद तक कई मामले अदालतों में पेंडिंग हैं.

शुरुआत में, महिला ने पूर्ण और अंतिम निपटारे के रूप में 1.25 करोड़ रुपये की मांग की लेकिन पति के पिता की मौत के चलते, वह 'अनिच्छा से' इसे 1 करोड़ रुपये तक सहमत हुई. एक बार पति द्वारा पूरी राशि का भुगतान करने के बाद, अदालत ने कहा, यह जोड़ा इससे पहले आपसी सहमति से तलाक के लिए आवेदन कर सकता है. अदालत ने निर्देश दिया कि जोड़े के बीच कोई और कार्यवाही नहीं होगी.

खंडपीठ ने आदेश दिया, 'भारत के सभी अदालतों में पार्टियों और उनके परिवार के सदस्यों के बीच सभी मामलों में आगे की कार्यवाही पर रोक रहेगी. पार्टियों को एक-दूसरे और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ ताजा मुकदमा चलाने से भी रोका जाता है.'

यह भी पढ़ें:  केरल सरकार के 'जल्दबाजी में उठाए गए कदम' के खिलाफ बीजेपी की 'सबरीमला बचाओ यात्रा'

पति अमेरिका में काम करता है, अदालत ने उसे भी बिना अनुमित के देश छोड़ कर जाने से मना किया है. दोनों की शादी साल 2000 में हुई थी और वह अमेरिका चले गए थे, जहां महिला ने मेडिकल एजुकेशन की पढ़ाई की और काम करना शुरू किया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज