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सुप्रीम कोर्ट का विवाद सोमवार तक सुलझ जाएगा: एटॉर्नी जनरल

सुप्रीम कोर्ट के चार जजों की तरफ से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के खिलाफ खुलेआम आवाज़ बुलंद करने से पूरा देश हैरान है. यह पहला मौका था जब सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीशों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर न्यायपालिका के हालात पर चिंता जताई. उनके इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद न्यायपालिका और सियासी गलियारे में हड़कंप सा मच गया.

Hindi.news18.com | January 13, 2018, 7:02 PM IST
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Last Updated January 13, 2018
सुप्रीम कोर्ट के चार जजों की तरफ से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के खिलाफ खुलेआम आवाज़ बुलंद करने से पूरा देश हैरान है. सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने चारों सीनियर जजों के आरोपों को लेकर आज मीटिंग बुलाई है. वहीं, एटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने उम्मीद जताई है कि सोमवार तक सारा मामला सुलझ जाएगा.

एटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल ने कहा, "सोमवार को कानूनविद् और वकील सुप्रीम कोर्ट के जजों के बीच एकता देखेंगे. उम्मीद है कि लोगों के हित में इंस्टिट्यूशन का पूरा मामला सुलझा लिया जाएगा. जजों न्याय और शासन कला का अनुभव है. आशा है कि वो इस मसले को और बढ़ने नहीं देंगे."

शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन मौजूद रहे. जस्टिस जे. चेलमेश्वर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट प्रशासन सही तरीके से नहीं चल रहा है. हम चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया(सीजेआई) को समझाने में नाकाम रहे हैं. कुछ चीजें नियंत्रण के बाहर हो गई हैं. इस कारण हमारे पास मीडिया में बात करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा.

जजों की ओर से लगाए गंभीर आरोप को कांग्रेस ने लोकतंत्र को खतरे में होना बताया है. चारों जजों के द्वारा उठाए मुद्दों को ‘बेहद महत्वपूर्ण’ बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा चारों जजों ने जिन बातों का जिक्र किया है वे लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं.

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के मसले पर राहुल गांधी राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट का आंतरिक मामला है. देश में न्यायपालिका इंडिपेंडेंट भूमिका निभाती है और एटॉर्नी जनरल ने इस मुद्दे पर अपनी राय दे दी है. इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.
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