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गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा की नहीं होगी न्यायिक जांच, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

शादी की एक समान उम्र तय करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस_ 
सुप्रीम कोर्ट (फ़ाइल फोटो)
शादी की एक समान उम्र तय करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस_ सुप्रीम कोर्ट (फ़ाइल फोटो)

Kisan Andolan Violence : सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और वह अपना काम कर रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 3, 2021, 6:27 PM IST
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नई दिल्ली. किसान आंदोलन (Kisan Andolan) के मद्देनजर 26 जनवरी (26 Janaury) को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुई ट्रैक्टर रैली में हिंसा के बाद दाखिल कई याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने खारिज कर दिया है. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे की अगुआई वाली पीठ ने बुधवार को अलग-अलग याचिकाओं की सुनवाई की.

इस दौरान अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और वह अपना काम कर रही है. CJI एसए बोबडे और जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यन की पीठ ने इन याचिकाओं पर सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा है कि वह इस संबंध में केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंप सकते हैं. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा मामले की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता वाला एक पैनल गठित करने की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया.





दाखिल की गईं थीं यह याचिकाएं
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दाखिल याचिकाओं में से एक अधिवक्ता विशाल तिवारी द्वारा दाखिल याचिका में शीर्ष अदालत के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच आयोग गठित करने का अनुरोध किया गया है जो इस मामले में साक्ष्यों को एकत्र करे तथा उन्हें रिकॉर्ड करे और समयबद्ध तरीके से रिपोर्ट अदालत में पेश करे. तीन सदस्यीय इस आयोग में सुप्रीम  कोर्ट के दो रिटायर्ड जजों को शामिल करने का भी आग्रह किया गया था.

वहीं एक अन्य याचिका अधिवक्ता मनोहर लाल शर्मा ने दाखिल की थी. इसमें दावा किया गया है कि किसानों के विरोध प्रदर्शन के खिलाफ साजिश की गयी और बिना किसी सबूत के किसानों को कथित तौर पर ‘आतंकवादी’ बताया गया. शर्मा ने केंद्र और मीडिया को निर्देश जारी कर बिना किसी प्रमाण के झूठे आरोप लगाने और किसानों को आतंकवादी बताने से रोकने का अनुरोध किया है. अदालत इस याचिका को भी खारिज कर दिया है.

गौरतलब है कि केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग के पक्ष में 26 जनवरी को हजारों की संख्या में किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली थी, लेकिन कुछ ही देर में दिल्ली की सड़कों पर अराजकता फैल गई. कई जगह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के अवरोधकों को तोड़ दिया और पुलिस के साथ भी उनकी झड़प हुई. प्रदर्शन में शामिल लोगों ने वाहनों में तोड़ फोड़ की और लाल किले पर एक धार्मिक ध्वज लगा दिया था.
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