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सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की वरिष्ठ न्यायाधीश के विरूद्ध आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री की शिकायत

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि उसने शीर्ष अदालत के एक न्यायाधीश के विरूद्ध आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री की शिकायत खारिज कर दी है.

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि उसने शीर्ष अदालत के एक न्यायाधीश के विरूद्ध आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री की शिकायत खारिज कर दी है.

उच्चतम न्यायालय ( Supreme court) ने बुधवार को कहा कि उसने शीर्ष अदालत के एक वरिष्ठ न्यायाधीश के विरूद्ध आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी की शिकायत ‘उचित विचार-विमर्श’ के बाद खारिज कर दी है. यह भी कहा कि सारे मामलों पर आंतरिक प्रक्रिया के तहत गौर किया गया जो ‘अत्यंत गोपनीय’ है और वह सार्वजनिक करने योग्य नहीं है.

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नयी दिल्ली.  उच्चतम न्यायालय ( Supreme court) ने बुधवार को कहा कि उसने शीर्ष अदालत के एक वरिष्ठ न्यायाधीश के विरूद्ध आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री  (Chief Minister of Andhra Pradesh)  वाई एस जगनमोहन रेड्डी  ( Jagan Mohan Reddy) की शिकायत ‘उचित विचार-विमर्श’ के बाद खारिज कर दी है.  उसने हालांकि यह भी कहा कि सारे मामलों पर आंतरिक प्रक्रिया के तहत गौर किया गया जो ‘अत्यंत गोपनीय’ है और वह सार्वजनिक करने योग्य नहीं है.

शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर डाले गये बयान में कहा गया है, ‘‘आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा उच्चतम न्यायालय को छह अक्टूबर, 2020 को भेजी गयी शिकायत पर आंतरिक प्रक्रिया के तहत गौर किया गया और अब उसे खारिज किया जाता है. यहां यह उल्लेखनीय है कि सभी मामलों पर आंतरिक प्रक्रिया के तहत गौर किया गया जो बिल्कुल गोपनीय है और वह सार्वजनिक योग्य नहीं है.’’

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छह अक्टूबर को एक अप्रत्याशित कदम के तहत रेड्डी ने प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस ए बोबडे को पत्र लिखा था और आरोप लगाया था कि उच्चतम न्यायालय के एक वरिष्ठ न्यायाधीश आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय की बैठकों को प्रभावित कर रहे हैं और तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के पक्ष में काम कर रहे हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय का इस्तेमाल लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई मेरी सरकार को ‘अस्थिर करने’ और गिराने के लिए किया जा रहा है.
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रेड्डी ने प्रधान न्यायाधीश से इस मामले पर गौर करने और उपयुक्त कदम उठाने पर विचार करने का अनुरोध किया था ताकि राज्य में न्यायपालिका की तटस्थता कायम रहे. उन्होंने आरोप लगाया था कि शीर्ष अदालत के वरिष्ठ न्यायाधीश की चंद्रबाबू नायडू से नजदीकी है और यह कि ‘‘माननीय उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश ने इस तथ्य को रिकार्ड पर रखा.’’ मुख्यमंत्री ने कहा था कि जब उनकी सरकार ने 2014-19 के दौरान नायडू के शासनकाल के कृत्यों की जांच शुरू की तो ‘‘ यह स्पष्ट हो गया कि न्यायाधीश ने राज्य में न्याय प्रशासन को प्रभावित करना शुरू कर दिया.’’

रेड्डी ने आरोप लगाया कि शीर्ष अदालत के न्यायाधीश का प्रभाव ‘‘माननीय न्यायाधीशों की बैठक के रोस्टर बारे में था जहां चंद्रबाबू नायडू के हितों की रक्षा के लिए अहम नीतिगत मामलों को कुछ ही माननीय न्यायाधीशों के सामने पोस्ट किया जाता था.’’ उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कुछ आदेशों का जिक्र किया. मुख्यमंत्री द्वारा प्रधान न्यायाधीश को भेजे गये पत्र को उनके प्रधान सलाहकार अजय कल्लाम ने 10 अक्टूबर की रात को आंध्रप्रदेश के अमरावती में मीडिया को जारी कर दिया था.
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