जजों पर रिश्वत का आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की SIT जांच की याचिका

News18Hindi
Updated: November 14, 2017, 9:39 PM IST
जजों पर रिश्वत का आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की SIT जांच की याचिका
सुप्रीम कोर्ट
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Updated: November 14, 2017, 9:39 PM IST
मेडिकल कॉलेजों को मान्यता देने के लिए जजों द्वारा कथित तौर पर रिश्वत लिए जाने के मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी जांच की मांग को खारिज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सीबीआई की जांच पर्याप्त है और एसआईटी को जांच का आदेश देने की कोई जरूरत नहीं है.

मंगलवार को तीन जजों की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी. सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने कहा कि ऐसी याचिकाओं द्वारा संस्थान(न्यायपालिका) को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. इस महान संस्था की अखंडता के खिलाफ अनावश्यक संदेह उठाया गया जिसका हम सभी का हिस्सा हैं. हम सब मिलकर एकजुट होकर संस्थान के गौरव और कल्याण के लिए काम करें.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में एफआईआर किसी जज के खिलाफ नहीं है और तथ्यों की पुष्टि किए बिना ऐसे आरोप बेकार हैं. कोर्ट ने आगे कहा कि हम आगे से बेहतर समझ की उम्मीद करते हैं और हम संस्था के लिए एकजुट होकर काम करेंगे.

बता दें ये याचिका वकील कामिनी जायसवाल के द्वारा दायर की गई थी. इस मामले में हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज आरोपी हैं और सुप्रीम कोर्ट के जजों के नाम पर पैसे लिए गए.

याचिकाकर्ता की ओर से पेश प्रशांत भूषण ने कहा कि सीबीआई को निष्पक्ष जांच के लिए गठित नहीं किया जा सकता क्योंकि यह सरकार और अन्य अधिकारियों का दबाव होता है. ऐसे में सीबीआई द्वारा निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती. भूषण ने कहा कि इस मामले में चीफ जस्टिस को सुनवाई से अलग होना चाहिए. वो इस मामले में कोई न्यायिक व प्रशासनिक आदेश ना दें.

गौरतलब है कि इस मामले में सीबीआई ने ओडिशा हाईकोर्ट के पूर्व जज आइएम कुदुसी को गिरफ्तार किया था. कुदुसी पर एक बिचौलिये के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट से 46 मेडिकल कालेजों में नामांकन पर लगे प्रतिबंध से राहत दिलाने की साजिश करने का आरोप है. सीबीआई ने कुदुसी पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर लिया है.

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First published: November 14, 2017
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