राजीव गांधी के हत्यारे पेरारिवलन को थोड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने एक हफ्ते बढ़ाई पैरोल

राजीव गांधी हत्याकांड में पेरारिवलन और अन्य दोषियों की रिहाई के लिए राज्य सरकार की सिफारिश राज्यपाल के पास लंबित है (PTI)

राजीव गांधी हत्याकांड (Rajiv Gandhi Assassination Case) में पेरारिवलन (AG Perarivalan) और अन्य दोषियों की रिहाई के लिए राज्य सरकार की सिफारिश राज्यपाल के पास लंबित है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने हत्यारे पेरारिवलन की दया याचिका राज्यपाल के पास दो साल से लंबित रहने पर नाराजगी जताई थी.

  • Share this:
    नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी (Rajiv Gandhi Assassination Case) हत्याकांड के दोषी एजी पेरारिवलन (AG Perarivalan) की पैरोल अवधि एक हफ्ते और बढ़ा दी है. शीर्ष अदालत ने सोमवार को पेरारीवलन की रिहाई की याचिका पर सुनवाई के दौरान पैरोल की अवधि बढ़ाने का निर्देश दिया. कोर्ट ने तमिलनाडु (Tamilnadu Government) सरकार से कहा कि जब वह मेडिकल जांच के लिए जाए तो पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए.

    राजीव गांधी हत्याकांड में पेरारिवलन और अन्य दोषियों की रिहाई के लिए राज्य सरकार की सिफारिश राज्यपाल के पास लंबित है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने हत्यारे पेरारिवलन की दया याचिका राज्यपाल के पास दो साल से लंबित रहने पर नाराजगी जताई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हम अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग नहीं करना चाहते हैं. लेकिन हम इस बात से खुश नहीं हैं कि यह सिफारिश दो साल से लंबित है. कोर्ट ने कहा कि हमें बताया जाए कि कानून और मामले क्या हैं, जो हमें ऐसा करने की अनुमति दे सकते हैं.

    राजीव गांधी को न पाकिस्तान पर हमले की भनक थी, न ही बाबरी मस्जिद खुलने की!

    वहीं, CBI ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि पेरारिवलन को रिहा करने की कोशिश में उसकी कोई भूमिका नहीं है. यह तमिलनाडु के राज्यपाल और याचिकाकर्ता के बीच एक मुद्दा है और सीबीआई की इसमें कोई भूमिका नहीं है. जांच एजेंसी का कहना है कि मल्टी डिसिप्लिनरी मॉनिटरिंग एजेंसी पेरारिवलन की भूमिका की जांच नहीं कर रही, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उसकी सजा की पुष्टि की है.

    बता दें कि 21 मई 1991 को रात 10.21 बजे तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में हुए एक आत्मघाती धमाके में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की मौत हुई थी. चुनावी सभा में धमाका करने वाली महिला की पहचान धनु के रूप में हुई. इस विस्फोट में धनु सहित 14 अन्य लोग भी मारे गए थे.

    इस हत्याकांड के सिलसिले में वी. श्रीहरण उर्फ मुरुगन, टी. सतेंद्रराजा उर्फ संथन, एजी पेरारिवलन उर्फ अरिवु, जयकुमार, रॉबर्ट पायस, पी. रविचंद्रन और नलिनी 27 साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं.



    'अमर अकबर एंथनी' जैसे प्रयोगों से राजीव गांधी ने यूं बदला था PMO का नक्शा

    शीर्ष अदालत ने 18 फरवरी, 2014 को तीन दोषियों- मुरुगन, संथम और पेरारिवलन- की मौत की सजा उम्र कैद में तब्दील कर दी थी क्योंकि उनकी दया याचिकाओं पर फैसला लेने में अत्यधिक देरी हुई थी.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.