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कोरोना वायरस: रथ यात्रा पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, कहा- परमिशन दी तो भगवान जगन्नाथ माफ नहीं करेंगे

 भगवान जगन्नाथ की पुरी रथ यात्रा (Puri Rath Yatra) पर रोक लगा दी गई है.
भगवान जगन्नाथ की पुरी रथ यात्रा (Puri Rath Yatra) पर रोक लगा दी गई है.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते भगवान जगन्नाथ की पुरी रथ यात्रा (Puri Rath Yatra) पर रोक लगा दी है.

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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कोरोना वायरस की वजह से भगवान जगन्नाथ (bhagwan jagannath) की पुरी रथ यात्रा (Puri Rath Yatra) पर रोक लगा दी है. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे  (CJI SA Bobde)  की अध्यक्षता वाली पीठ ने रथ यात्रा से जुड़ी सभी गतिविधियों को रोक दिया.

अदालत ने कहा- 'अगर हम इस साल यात्रा की अनुमति देते हैं तो भगवान जगन्नाथ हमें माफ नहीं करेंगे.' पीठ ने आदेश में कहा, 'सबके स्वास्थ्य और नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए इस वर्ष रथ यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती है.' पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के उस अनुरोध को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि मंदिर प्रबंधन को नियमों का पालन करते हुए कुछ रस्में निभाने के लिए छूट दी जाए.

सीजेआई ने कहा, 'हमने ऐसे मामले देखे हैं कि अगर हम थोड़ी सी भी छूट दें तो भी लोग भारी संख्या में इकट्ठा हो जाएंगे. इसलिए हम इस साल कुछ भी ... कुछ भी नहीं होने देंगे.'



NGO ने दायर की याचिका
सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी ने अदालत के फैसले का साथ दिया. दरअसल कोर्ट ओडिशा विकास परिषद एनजीओ द्वारा दायर की गई जनहित याचिका की सुनवाई कर रही थी. इस याचिका के जरिए अदालत को बताया गया था कि ओडिशा सरकार द्वारा रथ यात्रा जैसे 'अक्षय तृतीया और स्नान पूर्णिमा’ सरीखे सभी अनुष्ठानों को आयोजित करने की अनुमति दी गई थी.

याचिका में कहा गया था कि मौजूदा रथ यात्रा की भी अनुमति दी जा सकती है और बीते साल की रथ यात्रा में 10 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए थे. याचिका में कहा गया था कि अगर इस साल ऐसा हुआ तो परिणाम भयावह होंगे.

 
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