सुप्रीम कोर्ट ने लगाया 100 रुपये का जुर्माना, वकील ने जमा किए 50 पैसे के 200 सिक्के

सुप्रीम कोर्ट ने लगाया 100 रुपये का जुर्माना, वकील ने जमा किए 50 पैसे के 200 सिक्के
सुप्रीम कोर्ट ने एक वकील पर लगाया 100 रुपये का जुर्माना.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने वकील (lawyer) रीपक संकल ने याचिका (Petition) दाखिल करते हुए आरोप लगाया था कि सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री बड़े वकीलों व प्रभावशाील लोगों के मामलों की सुनवाई पहले लिस्ट में शामिल करती है जो न्याय पाने के समान अवसर के खिलाफ है.

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  • Last Updated: August 14, 2020, 7:24 AM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में हर दिन कोई न कोई अलग तरह का मामला आता रहता है. ऐसे ही एक मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के एक वकील पर अदालत ने 100 रुपये का जुर्माना लगाया, तो वकील (lawyer) के साथियों ने मिलकर 50-50 पैसों के 200 सिक्के इकट्ठे किए और जुर्माने (fine) की रकम जमा कराई. दरअसल ये वकीलों का एक सांकेतिक विरोध है जो सुप्रीम कोर्ट के वकील पर लगाए गए जुर्माने के खिलाफ है.

सुप्रीम कोर्ट के वकील रीपक कंसल ने सुप्रीम कोर्ट की ​रजिस्ट्री पर आरोप लगाया था कि रजिस्ट्री बड़े वकीलों व प्रभावशाील लोगों के मामलों की सुनवाई पहले लिस्ट में शामिल करती है, जबकि अन्य वकील व लोगों के मामलों को लिस्ट में काफी पीछे जगह मिलती है. सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए कंसल ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के सेक्शन ऑफिसर या रजिस्ट्री लगातार बड़े और प्रभावशाली वकीलों और उनके मामलों को वीवीआईपी ट्रीटमेंट देते हैं. याचिका में कहा गया है कि इस तरह लिस्ट में बड़े वकीलों के मामलों को पहले जगह मिलती है जो न्याय पाने के समान अवसर के खिलाफ है.

इस मामले की सुनवाई करते हुए जज जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस एम आर शाह की बेंच ने रीपक कंसल की याचिका खारिज करते हुए 100 रुपये का जुर्माना लगाया. मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि रजिस्ट्री के सभी सदस्य दिन रात आपके जीवन को आसान बनाने के लिए काम कर रहे हैं और आपकी ये याचिका उन्हें हतोत्साहित कर रही है. कोर्ट ने कहा कि रजिस्ट्री हमारे अधीनस्थ नहीं है वे बहुत हद तक सुप्रीम कोर्ट का हिस्सा है.



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वकील रीपक कंसल पर लगाए गए जुर्माने पर अब सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के वकील सांकेतिक विरोध कर रहे हैं. बार ऐसोसिएशन का मानना है कि वकील रीपक कंसल ने जो याचिका कोर्ट में दाखिल की थी वो सही है. ऐसे में कोर्ट को उनपर जुर्माना नहीं लगाना चाहिए था. इसी सांकेतिक विरोध के तहत उन्होंने मिलकर 50-50 पैसों के 200 सिक्के जमा इकट्ठे किए, जो अब मिलना काफी मुश्किल हो गया है. 200 सिक्के इकट्ठा हो जाने के बाद वकील रीपक कंसल ने जुर्माना की राशि ​जमा की.
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