शुक्रवार को माल्या की याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को विजय माल्या की याचिका पर सुनवाई करेगा. याचिका में माल्या ने अपनी और अपने परिवार की संपत्तियों की जब्ती पर रोक लगाने और सिर्फ किंगफिशर संबंधित संपत्ति ही जब्त करने की मांग की है.

Sushil Pandey | News18India
Updated: July 29, 2019, 2:14 PM IST
शुक्रवार को माल्या की याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
माल्या की याचिका पर होगी सुनवाई
Sushil Pandey | News18India
Updated: July 29, 2019, 2:14 PM IST
भगोड़े आर्थिक अपराधी विजय माल्या की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को विजय माल्या की याचिका पर सुनवाई करेगा.  याचिका में माल्या ने अदालत से अपनी और अपने परिवार की संपत्तियों की जब्ती पर रोक लगाने का निर्देश देने की मांग की है. इसपर अब अदालत दो अगस्त को सुनवाई करेगी. माल्या ने याचिका में कहा है कि सिर्फ किंगफिशर कंपनी से संबंधित संपत्ति ही जब्त की जाए.

पहले खारिज हो चुकी है याचिका 
अपनी दलील में माल्या का कहना है कि उसकी निजी संपत्ति और परिवार के अन्य सदस्यों की संपत्ति जब्त नहीं की जाए. माल्या पर भारतीय बैंकों का नौ हजार करोड़ रुपये कर्ज लेने और बिना चुकाए फरार होने का आरोप है. शराब कारोबारी विजय माल्या को 11 जुलाई को झटका लगा था. मु्ंबई उच्च न्यायालय ने इससे पहले विजय माल्या की इसी याचिका को खारिज कर दिया था. इस याचिका के जरिए माल्या ने सरकारी एजेंसियों द्वारा उसकी संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की थी.

शुक्रवार को माल्या की याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
शुक्रवार को माल्या की याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट


क्या है भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून
यह कानून विदेश में छिपकर भारत की कानूनी प्रक्रिया से बचने वाले भगोड़े आर्थिक अपराधियों पर लगाम कसता है. इस कानून के तहत सरकार के पास उनकी संपत्ति जब्त करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के अधिकार हैं. इस कानून में यह प्रावधान किया गया है कि आर्थिक अपराध करने वाले भगोड़ों की देश के भीतर और बाहर की सभी बेनामी संपत्तियां जब्त की जाएंगी.

यह विधेयक भगोड़े आर्थिक अपराधियों को भारतीय अदालतों के अधिकार क्षेत्र से बाहर रहते हुए भारत की कानूनी प्रक्रिया से बचने से रोकेगा. इस कानून में कहा गया है कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने ऐसे अपराध किए हैं जिनमें 100 करोड़ रुपए या उससे अधिक की रकम सम्मिलित है. वे भारत से फरार हैं या भारत में न्यायिक कार्रवाई से बचने या उसका सामना करने के लिए भारत आने से इनकार करते हैं.
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क्यों बना ये कानून
बता दें विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे कारोबारियों के बैंकों से हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेने के बाद देश से फरार होने की पृष्ठभूमि में यह कानून बनाया गया. ऐसा कई बार हुआ है जब मामला कोर्ट में लंबित रहता है, तभी लोग देश छोड़कर भाग जाते हैं. यह कानून ऐसे लोगों पर रोक लगाने के लिए है. इसके जरिए उनकी बेनामी संपत्तियां जब्त की जाएंगी.

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First published: July 29, 2019, 2:08 PM IST
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