अयोध्या विवाद: राजीव धवन को धमकी देने के मामले में SC ने जारी किया नोटिस

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (Chief Justice Ranjan Gogoi) की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संविधान पीठ ने इस भूमि विवाद पर 18वें दिन सुनवाई शुरू होते ही राजीव धवन की अवमानना याचिका पर ये नोटिस जारी किया.

भाषा
Updated: September 3, 2019, 3:38 PM IST
अयोध्या विवाद: राजीव धवन को धमकी देने के मामले में SC ने जारी किया नोटिस
राजीव धवन को धमकी देने वाले मामले में SC ने जारी किया नोटिस
भाषा
Updated: September 3, 2019, 3:38 PM IST
नई दिल्ली:  सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद (Ayodhya Dispute) में मुस्लिम पक्षकारों की पैरवी करने के कारण वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन को कथित रूप से धमकी (Threat) देने वाले दो व्यक्तियों को मंगलवार को नोटिस जारी किया है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (Chief Justice Ranjan Gogoi) की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संविधान पीठ ने इस भूमि विवाद पर 18वें दिन सुनवाई शुरू होते ही राजीव धवन की अवमानना याचिका पर ये नोटिस जारी किया. इस मामले में दो सप्ताह बाद सुनवाई होगी.

संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर शामिल हैं. प्रमुख याचिकाकर्ता एम सिद्दीक और ऑल इंडिया सुन्नी वक्फ़ बोर्ड की ओर से पेश हो रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने पूर्व सरकारी अधिकारी एन षणमुगम और राजस्थान के निवासी संजय कलाल बजरंगी के खिलाफ शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी. उनका आरोप है कि मुस्लिम पक्षकारों की ओर पैरवी करने की वजह से उन्हें धमकी दी जा रही है.

मुस्लिम पक्षकार होने की वजह से मिल रही धमकी
धवन ने आरोप लगाया कि सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी एन. षणमुगम से 14 अगस्त, 2019 को उन्हें एक पत्र मिला, जिसमें उन्हें मुस्लिम पक्षकारों की ओर से पेश होने की वजह से धमकी दी गई थी. उन्होंने यह भी कहा है कि उन्हें राजस्थान के निवासी संजय कलाल बजरंगी से व्हाट्सऐप संदेश मिला है और वह भी न्याय के प्रशासन में हस्तक्षेप करने का प्रयास है. उन्होंने आरोप लगाया कि अनेक व्यक्ति धमकी भरे व्यवहार के साथ उन पर न्यायालय परिसर और घर तक टिप्पणी करते रहते हैं.

पत्र लिखकर दी गई धमकी
उन्होंने याचिका में कहा कि इस तरह से पत्र भेजकर कथित अवमाननाकर्ता ने आपराधिक अवमानना की है क्योंकि वह सुप्रीम कोर्ट में एक पक्षकार की ओर से पेश होकर अपने दायित्व का निर्वहन करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता को धमकी दे रहा है और उसे इस तरह का पत्र नहीं लिखना चाहिए था.

धारा 15 के तहत की जाए कार्रवाई
Loading...

धवन ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि न्यायालय के समक्ष पेश तथ्यों के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 129 और न्यायालय की अवमानना कानून की धारा 15 के तहत इसका स्वत: संज्ञान लिया जाये और इन दोनों के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई की जाए.

कभी पाकिस्तानियों का फेवरिट रहा भारत का ये सिनेमा हॉल हुआ बंद

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 3, 2019, 3:36 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...