मस्जिद में महिलाओं के नमाज पढ़ने की याचिका पर SC ने जारी किया नोटिस, चार हफ्ते में मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हम इस मामले को सबरीमला की वजह से सुन रहे हैं.

News18Hindi
Updated: April 16, 2019, 12:34 PM IST
मस्जिद में महिलाओं के नमाज पढ़ने की याचिका पर SC ने जारी किया नोटिस, चार हफ्ते में मांगा जवाब
फाइल फोटो
News18Hindi
Updated: April 16, 2019, 12:34 PM IST
मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश और सबके साथ नमाज़ अदा करने की आज़ादी के लिए दायर याचिका के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब​ किया है. पीठ ने पूछा कि क्या अनुच्छेद 14 का इस्तेमाल किया जा सकता है, क्या मस्जिद और मंदिर सरकार के हैं, जैसे आपके घर में कोई आना चाहे तो आपकी इजाजत जरूरी है. कोर्ट ने पूछा कि सरकार इस मामले में कहां है?'

याचिका में समानता के मूल अधिकारों पर प्रवेश का अधिकार मांगा गया है. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि राज्य का अधिकार देने का कर्तव्य है, लेकिन क्या कोई व्यक्ति ( नॉन स्टेट एक्टर) संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत दूसरे व्यक्ति से समानता का अधिकार मांग सकता है ?'



यह भी पढ़ें:  अब ममता बनर्जी पर आने वाली है फिल्म, सेंसर बोर्ड से मिला सर्टिफिकेट

पीठ ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट परीक्षण करेगा कि क्या महिलाओं को मस्जिद में सबके साथ नमाज पढ़ने की इजाजत दे सकते हैं या नहीं.' सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, सेंट्रल वक्फ काउंसिल और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को नोटिस दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है, 'हम इस मामले को सबरीमला की वजह से सुन रहे हैं.'

यह भी पढ़ें: मायावती को सुप्रीम कोर्ट से झटका, जारी रहेगा 48 घंटे का बैन



यह भी पढ़ें: Notre Dame: 850 साल पुराने इस चर्च को बनाने में लगे थे 182 साल, घंटों में खाक हो गई यह धरोहर



यह भी पढ़ें: बद से बदतर होते जा रहे हैं पाकिस्तान के हालात, अब IMF ने राहत पैकेज में की देरी

एक मुस्लिम दंपति ने मांग की है कि महिलाओं को भी मस्जिद में नमाज़ पढ़ने की इजाजत मिले. इसको लेकर इन्होंने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी लगाई थी. अर्जी दाखिल करते हुए महिला ने अदालत से मांग की थी कि मस्जिदों में महिलाओं की एंट्री पर लगे बैन को गैरकानूनी और असंवैधानिक माना जाए. याचिकाकर्ता की दलील है कि ऐसा करना संविधान के तहत दिए गए मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.


यह भी पढ़ें:  बाहुबली से लेकर रेप आरोपी पतियों के लिए चुनाव मैदान में उतरीं हैं ये महिला प्रत्याशी


याचिका में कहा गया कि कुरान और हदीस में लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है. इस तरह की परंपरा महिलाओं की गरिमा के भी खिलाफ है. याचिका में कहा गया है कि पुरुषों की तरह महिलाओं का भी इबादत करने का संवैधानिक अधिकार है.

यह भी पढ़ें:  SC/ST Reservation in Promotion: SC ने हाईकोर्ट के आदेश पर यथास्थिति बनाये रखने को कहा

केरल के सबरीमाला में मासिक धर्म से गुजरने वाली हिंदू महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटने के बाद ही मुस्लिम महिलाओं ने मस्जिदों में प्रवेश और नमाज अदा करने के लिए मुहिम छेड़ने के संकेत दिए थे.

यह भी पढ़ें: DMK के दफ्तर में मिला नोटों का अंबार, तमिलनाडु की इस सीट पर रद्द हो सकता है चुनाव
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर

News18 चुनाव टूलबार

चुनाव टूलबार