सुप्रीम कोर्ट के जज मोहन एम शांतनागोदर का गुरुग्राम के अस्पताल में निधन, फेफड़े में था संक्रमण

जस्टिस शांतनागोदर को 17 फरवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के तौर पर पदोन्नत किया गया था.

जस्टिस शांतनागोदर को 17 फरवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के तौर पर पदोन्नत किया गया था.

सूत्रों ने बताया कि जस्टिस शांतनागोदर को फेफड़े में संक्रमण के चलते मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह आईसीयू में थे. सूत्रों ने न तो इसकी पुष्टि की और न ही इससे इनकार किया कि न्यायाधीश कोरोना वायरस से संक्रमित थे या नहीं.

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  • Last Updated: April 25, 2021, 3:29 PM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस मोहन एम शांतनागोदर (Justice Mohan M Shatnagoudar) का शनिवार देर रात गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वह 62 वर्ष के थे. सूत्रों ने यह जानकारी दी.

सूत्रों ने बताया कि जस्टिस शांतनागोदर को फेफड़े में संक्रमण के चलते मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह आईसीयू में थे. सूत्रों ने न तो इसकी पुष्टि की और न ही इससे इनकार किया कि न्यायाधीश कोरोना वायरस से संक्रमित थे या नहीं.

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न्यायालय के एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार देर रात तक उनकी हालत स्थिर बताई गई थी. अधिकारी ने बताया कि हालांकि, देर रात करीब 12:30 बजे उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने परिवार को यह दुखद समाचार दिया.


जस्टिस शांतनागोदर को 17 फरवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के तौर पर पदोन्नत किया गया था. उनका जन्म पांच मई 1958 को कर्नाटक में हुआ था. उन्होंने पांच सितंबर 1980 को एक वकील के तौर पर पंजीकरण कराया था. सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किये जाने से पहले जस्टिस शांतनागोदर केरल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रहे.
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