Anti-CAA Protests: पब्लिक प्लेस पर प्रदर्शन के अधिकार पर कल निर्णय देगा SC

शाहीन बाग में सीएए विरोध में हुए प्रदर्शन की फाइल फोटो
शाहीन बाग में सीएए विरोध में हुए प्रदर्शन की फाइल फोटो

जस्टिस संजय किशन कौल की अगुवाई वाली तीन जजों की पीठ अपना निर्णय सुनाएगी कि विरोध प्रदर्शन के लिए सार्वजनिक जगहों (right to protest in public places) का इस्तेमाल किस हद तक जायज है, इसकी सीमाएं क्या है? दरअसल नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग समेत देशभर में सार्वजनिक जगहों पर प्रदर्शन किए गए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 6, 2020, 10:41 PM IST
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 नई दिल्ली. सार्वजिनक जगहों पर विरोध-प्रदर्शन के अधिकारों (right to protest in public places) को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) कल अपना निर्णय सुनाएगा. जस्टिस संजय किशन कौल की अगुवाई वाली तीन जजों की पीठ अपना निर्णय सुनाएगी कि विरोध प्रदर्शन के लिए सार्वजनिक जगहों का इस्तेमाल किस हद तक जायज है, इसकी सीमाएं क्या है? दरअसल नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग समेत देशभर में सार्वजनिक जगहों पर प्रदर्शन किए गए थे. शाहीन बाग में प्रदर्शन को लेकर रोड जाम करने के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं. जिन पर अब कोर्ट निर्णय देगा.

हालांकि कोविड-19 महामारी फैलने के बाद शाहीन बाग प्रदर्शन बंद हो गया था. लेकिन कोर्ट ने इन याचिकाओं पर सार्वजनिक जगहों के विरोध प्रदर्शन में इस्तेमाल को लेकर वृहद नैरिटिव के साथ सुनवाई की है.


बीते 21 सितंबर को सुनवाई को दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा था-प्रदर्शन के अधिकार को लोगों के आवागमन के अधिकार के साथ बैलेंस रखना चाहिए. संसदीय लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन का अधिकार होता है. लेकिन क्या इसके लिए एक सार्वजनिक सड़क को लंबे समय तक रोका जा सकता है? यह सोचना होगा कि कब और कहां विरोध-प्रदर्शन रखे जाएं. हम इस बात पर विचार करेंगे कि कैसे इन दोनों के बीच में बैलेंस बनाया जा सकता है. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की इस पीठ में जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस कृष्ण मुरारी भी शामिल हैं.
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