और सुप्रीम कोर्ट से यूं बैरंग लौटे चिदंबरम के वकील

विक्रांत यादव | News18Hindi
Updated: August 21, 2019, 7:32 PM IST
और सुप्रीम कोर्ट से यूं बैरंग लौटे चिदंबरम के वकील
शाम चार बजे तक पूरी तरह से साफ हो गया था कि चिदंबरम को किसी तरह की तात्कालिक राहत नहीं मिलने वाली. (PTI)

देश के पूर्व गृहमंत्री और वित्त मंत्री पी चिदंबरम की पैरवी करने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री और देश के बड़े वकीलों में शुमार कपिल सिब्बल सुबह से सक्रिय थे, लेकिन शाम चार बजे तक पूरी तरह से साफ हो गया था कि चिदंबरम को किसी तरह की तात्कालिक राहत नहीं मिलने वाली.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 21, 2019, 7:32 PM IST
  • Share this:
देश के पूर्व गृहमंत्री और वित्त मंत्री पी चिदंबरम की पैरवी करने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री और देश के बड़े वकीलों में शुमार कपिल सिब्बल सुबह से सक्रिय थे, लेकिन शाम चार बजे तक पूरी तरह से साफ हो गया था कि चिदंबरम को किसी तरह की तात्कालिक राहत नहीं मिलने वाली. सुबह तक चले घटनाक्रम के बाद शाम चार बजे के करीब सिब्बल और उनके साथी वकील अयोध्या मामले की सुनवाई कर रही देश के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगई की अदालत में पहुंच गए थे. उन्हें शायद ये उम्मीद थी कि जब अदालत उठेगी, तो शायद मुख्य न्यायाधीश उनसे ये पूछ लेंगे कि वो यहां क्या कर रहे हैं, किसलिए आए हैं. लेकिन मुख्य न्यायाधीश अपनी आज की सुनवाई पूरी कर बिना उनकी तरफ देखे, बिना उनसे कुछ बोले उठ दिए और अदालत कक्ष के भीतर चले गए. इसी के साथ साफ हो गया कि चिदंबरम के वकीलों की दिनभर की भागदौड़ बेकार रही और उन्हें बैरंग लौटना पड़ा.

सुबह अदालत की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सिब्बल और उनके साथ वकीलों की टीम चिदंबरम की पैरवी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे. मंगलवार को चिदंबरम भी सुप्रीम कोर्ट में मौजूद थे, लेकिन आज वो कहीं नजर नहीं आए. चिदंबरम के वकीलों की कोशिश थी कि किसी तरह से तात्कालिक राहत उन्हें मिल जाए, जिससे उन पर लटक रही गिरफ्तारी की तलवार हट जाए.

सिब्बल ने किया याचिका पर सुनवाई का अनुरोध
मंगलवार को ही मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगई ने साफ कर दिया था कि वो दूसरे सबसे वरिष्ठ जज की अदालत में जाएं. सुबह अदालत खुलते ही सिब्बल और उनके साथी वकील जस्टिस रमन्ना की कोर्ट में पहुंच गए थे. उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि चिदंबरम की गिरफ्तारी रोकने के लिए वो कोई तात्कालिक आदेश जारी कर दें, वरना उनकी याचिका का कोई मतलब नहीं रहेगा.

जस्टिस रमन्ना ने कहा कि वो उनकी फाइल अभी तुरंत मुख्य न्यायाधीश के पास भेज रहे हैं, ताकि वो बेंच का आवंटन कर सकें. उन्होंने सिब्बल से ये भी कहा कि वो तब तक जो भी जरूरी औपचारिकताएं हैं, वो पूरी कर लें. इस बीच सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने किसी भी तरह की राहत देने का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि ये बहुत बड़े पैमाने के मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है.

याचिका में थी तकनीकी खामी
अब तक ये साफ हो चुका था कि अब या तो ये केस लिस्टिंग के जरिए सुनवाई के लिए आएगा या फिर एक बजे जब मुख्य न्यायाधीश की अदालत भोजन अवकाश के लिए उठेगी, उस समय सिब्बल उनके यहां इस केस को मेंनसिंग के लिए जाएंगे. एक बजने से कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से खबर आई कि चिदंबरम की याचिका को डिफेक्ट लिस्ट में डाल दिया गया है, यानी उसमें कुछ तकनीकी खामी पाई गई है. तब तक सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने केवियट याचिका दाखिल कर दी थी. यानी कि इस मामले में किसी भी तरह की याचिका को सुनने से पहले उन्हें जरूर नोटिस दिया जाए.
Loading...

दौड़ते हुए चिदंबरम के वकील मुख्य न्यायाधीश की अदालत के पास पहुंचे. उम्मीद थी कि वो वहां मेनसिंग करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. तब तक भोजन अवकाश हो गया था. दो बजे जब कोर्ट दोबारा लगी तो चिदंबरम के वकील दोबारा से जस्टिस रमन्ना की अदालत में पहुंचे.

सिब्बल ने की थी जल्द सुनवाई की मांग
सिब्बल ने जस्टिस रमन्ना से कहा कि उनके मुवक्किल के केस को अब तक लिस्ट नहीं किया गया है. हम जल्दी सुनवाई चाहते हैं. उनका मुवक्किल कहीं भाग नहीं रहा है, उसके बावजूद उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया गया है. ये दुखदायी है. जस्टिस रमन्ना ने रजिस्ट्रार को बुलाया. रजिस्ट्रार ने बताया कि याचिका की खामियां दूर कर दी गई हैं. एक बार केवियट याचिका क्लियर हो जाएंगी, तो उसे मुख्य न्यायाधीश के कोर्ट में भेज दिया जाएगा.

चिदंबरम के वकीलों को पता था कि उनके हाथ से समय मुट्ठी से रेत की तरह निकलता जा रहा है. इसी कारण सिब्बल ने कहा कि तब तक तो काफी देर हो जाएगी. चार बजे मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट उठ जाएगी और फिर आज कुछ नहीं होगा. इस पर जस्टिस रमन्ना कुछ नाराज भी हुए. उन्होंने कहा कि आमतौर पर हम लिस्टिंग के लिए याचिका को शाम को भेजते हैं. लेकिन आपके मामले में तुरंत किया गया. रजिस्ट्री अपना काम कर रही है. जब तक लिस्ट में नहीं आएगा, हम कुछ नहीं कर सकते. अब तक सिब्बल और उनके साथियों को अंदाजा लग चुका था कि समय उनके हाथ से निकलता जा रहा है.

खाली हाथ लौटना पड़ा बाहर
आखिरी कोशिश करते हुए सिब्बल और उनके साथी वकील चार बजने से पहले मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट में पहुंच गए. उन्हें उम्मीद थी कि अयोध्या मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद मुख्य न्यायाधीश उनसे जरूर पूछेंगे कि वो यहां क्या कर रहे हैं. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और कोर्ट उठ गई और खाली हाथ उन्हें अदालत से बाहर आना पड़ा. अदालत का समय पूरा होने के कुछ समय बाद ही ये खबर भी आ गई कि नार्मल लिस्टिंग में अब इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी.

ये भी पढ़ें-
कार से उतरे, बंद किया फोन और 'गायब' हो गए पी चिदंबरम!

चिदंबरम ने रिश्वत के पैसे से स्पेन में खरीदा टेनिस क्लब: ED

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 21, 2019, 7:32 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...