• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • मेडिकल में आरक्षण: मद्रास HC के फैसले के खिलाफ केंद्र की याचिका पर SC आज करेगा सुनवाई

मेडिकल में आरक्षण: मद्रास HC के फैसले के खिलाफ केंद्र की याचिका पर SC आज करेगा सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी. फाइल फोटो

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी. फाइल फोटो

Supreme Court ने पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल दाखिले में अखिल भारतीय कोटा श्रेणी में ओबीसी को 27 फीसदी और 10 फीसदी EWS को आरक्षण देने पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:

    नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) सोमवार को मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार की विशेष याचिका पर सुनवाई करेगी. केंद्र की ओर से हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें कोर्ट अखिल भारतीय कोटा (AIQ) में पिछड़े वर्ग (OBC) के लिए 27 फीसदी आरक्षण लागू करने के लिए कहा था. हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि मेडिकल कॉलेज (Medical College) में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को दिया गया 10 फीसदी अतिरिक्त आरक्षण की अनुमति केवल सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के अधीन ही दी जा सकती है.

    केंद्र के खिलाफ तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी डीएमके की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने अपना आदेश जारी किया था. इसके बाद तीन सितंबर को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी. बता दें कि मद्रास उच्च न्यायालय ने 25 अगस्त को को केंद्र द्वारा जारी उस अधिसूचना को मंजूरी दे दी, जिसमें चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए अखिल भारतीय कोटे (एआईक्यू) के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (अपिव) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था.

    AIQ सभी राज्यों में समान होः कोर्ट
    तमिलनाडु के लिए और आरक्षण के लिए दाखिल याचिका को खारिज करते हुए पीठ ने कहा कि स्नातक, परास्नातक और मेडिकल डिप्लोमा, दंत चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए एआईक्यू सभी राज्यों में समान होना चाहिए. तार्किक रूप से अगर उम्मीदवारों को पूरे देश में सीटें दी गई हैं तो एक स्तर तक एक राज्य में और दूसरे स्तर पर दूसरे राज्य में आरक्षण नहीं होना चाहिए.

    यह फैसला मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति पीडी आदिकेसवालु की पीठ ने दिया. इसके साथ ही अदालत ने सत्तारूढ़ द्रमुक द्वारा दायर अवमानना याचिका को बंद कर दिया, जिसमें जुलाई 2020 के अदालत के आदेश को नहीं लागू करने पर संबंधित केंद्रीय अधिकारियों पर अवमानना की कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया था. पिछले साल तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एपी शाही नीत पीठ ने अपने आदेश में अन्य बातों के साथ याचिकाकर्ता द्वारा किए गए दावे के अनुरूप आरक्षण लागू करने के लिए समिति गठित करने का निर्देश दिया था. अदालत ने कहा था कि समिति आरक्षण का प्रतिशत तय कर सकती है.

    EWS आरक्षण पर केंद्र को नोटिस
    सुप्रीम कोर्ट ने पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल दाखिले में अखिल भारतीय कोटा श्रेणी में ओबीसी को 27 फीसदी और 10 फीसदी EWS को आरक्षण देने पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था. दरअसल कोर्ट केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज