Sushant Singh Case: सुशांत सिंह राजपूत केस में सुप्रीम कोर्ट का पूरा फैसला, 10 पॉइंट्स में समझिए

Sushant Singh Case: सुशांत सिंह राजपूत केस में सुप्रीम कोर्ट का पूरा फैसला, 10 पॉइंट्स में समझिए
सुशांत सिंह राजपूत 14 जून को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे.

Sushant Singh Rajput Death Case: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत केस में अब कोई भी एफआईआर दर्ज होगी, तो उसकी जांच सीबीआई को सौंपी जाएगी. अभी तक इस मामले में सिर्फ एक एफआईआर पटना में दर्ज है, जिसके आधार पर सीबीआई जांच हो रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 19, 2020, 1:02 PM IST
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Sushant Singh Rajput Death Case: सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Case) की मौत के मामले में सीबीआई जांच का रास्ता साफ हो गया है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि सीबीआई जांच के मामले को महाराष्ट्र सरकार चुनौती नहीं दे सकेगी. पटना में दर्ज की गई एफआईआर सही थी. मुंबई पुलिस को अब जांच में सहयोग करना होगा.

सुशांत केस में 11 अगस्त को सुनवाई पूरी करने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था. सुनवाई कर रहे जस्टिस ऋषिकेश रॉय ने सभी पक्षों को अपनी दलीलों पर संक्षिप्त लिखित नोट 13 अगस्त तक जमा करवाने की अनुमति दी थी. सभी पक्षों ने 13 अगस्त को अपना जवाब दाखिल कर दिया था, जिसके बाद आज कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया.

आइए जानते हैं सुशांत सिंह राजपूत केस में 10 बड़े अपडेट्स:-
सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि सुशांत सुसाइड केस की जांच अब सीबीआई करेगी. पटना में जो एफआईआर दर्ज की गई है वो कानून सम्मत है. इस फैसले के बाद महाराष्ट्र सरकार के वकील ने कहा कि हम फैसले को चुनौती देंगे. इस पर कोर्ट ने कहा कि यह 35 पेज का जजमेंट है. पहले आप इसको पढ़िए. हमने हर पहलुओं का बारीकी से अध्ययन करने के बाद फैसला सुनाया है.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि नीतीश सरकार ने केस की जो सीबीआई जांच की सिफारिश की थी वो सही थी. महाराष्ट्र सरकार फैसले को चुनौती नहीं दे सकती. राज्य सरकार को अब जांच में सहयोग करना होगा. मुंबई पुलिस को इस मामले के सारे सबूत सीबीआई को सौंपने होंगे.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुशांत केस में अब कोई भी एफआईआर दर्ज होगी, तो उसकी जांच सीबीआई को सौंपी जाएगी. अभी तक इस मामले में सिर्फ एक एफआईआर पटना में दर्ज है, जिसके आधार पर सीबीआई जांच हो रही है.
कोर्ट ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राजपूत की आत्महत्या के पीछे के रहस्य की जांच का CBI को एकमात्र अधिकार होने के बारे में कोई भ्रम ना हो और कोई भी अन्य राज्य पुलिस इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती. CBI न केवल पटना में दर्ज एफआईआर बल्कि राजपूत की मौत के मामले से जुड़ी किसी अन्य एफआईआर की जांच करने में सक्षम होगी.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि मुंबई पुलिस ने राजपूत की मौत के लिए केवल एक्सीडेंटल मौत की रिपोर्ट दर्ज की थी, इसलिए इसमें सीमित जांच शक्तियां थीं. बिहार पुलिस ने एक पूरी एफआईआर दर्ज की है, जिसे पहले से ही सीबीआई को भेज दिया गया है. केंद्रीय एजेंसी को मामले की जांच करनी चाहिए.
सुशांत सिंह के गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती ने सुप्रीम कोर्ट में केस ट्रांसफर अर्जी लगाई. उन्होंने मांग की थी कि मामले की जांच मुंबई पुलिस को सौंप दी जाए. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब उनकी अर्जी खारिज हो गई है.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) दूसरी बार समन भेजने वाली है. ईडी ने अभी तक रिया चक्रवर्ती से 2 बार, उनके भाई शौविक से 3 बार, सुशांत की मैनेजर रही श्रुति मोदी से 2 बार और सुशांत के दोस्त सिद्धार्थ पिठानी से भी 2 बार पूछताछ की है. अभी तक ईडी ने 13 लोगों के बयान दर्ज किए हैं. सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद ईडी सुशांत के केस के प्रमुख संदिग्धों को फिर से समन करेगी.
कोर्ट का फैसला आने के बाद सुशांत सिंह के पिता केके सिंह के वकील विकास सिंह ने कहा कि सुशांत के परिवार के लिए ये बड़ी जीत है. कोर्ट ने भी माना कि मुंबई पुलिस ने इस मामले में कोई जांच नहीं की थी. ये ऐतिहासिक फैसला है. इंसाफ की तरफ ये पहला और बड़ा कदम है. अब सीबीआई अपनी जांच शुरू करेगी.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब सीबीआई को अपनी जांच के लिए राज्य सरकार से इजाजत लेने की जरूरत नहीं होगी. वह जब चाहे और जिससे भी पूछताछ कर सकती है. इसके साथ ही सबूत इकट्ठा करने के लिए भी महाराष्ट्र सरकार से इजाजत नहीं लेनी पड़ेगी.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सीबीआई की स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम अब मुंबई जाएगी. सीबीआई मुंबई पुलिस से इस मामले की केस डायरी मांगेगी. संदिग्धों-गवाहों के बयान, फोरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी हैंडओवर किए जाएंगे.
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