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दिल्ली की जहरीली हवा पर SC सख्त, कहा- खुद के लिए दूसरों की जान नहीं ले सकते किसान, पराली जलाई तो होगी जेल

News18Hindi
Updated: November 4, 2019, 4:34 PM IST
दिल्ली की जहरीली हवा पर SC सख्त, कहा- खुद के लिए दूसरों की जान नहीं ले सकते किसान, पराली जलाई तो होगी जेल
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बेहद गंभीर स्थिति पर पहुंच चुका है.

दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण (Air Pollution) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा, 'लोग मर रहे हैं. आगे और लोग मरेंगे. यह देखना बेहद दुखद है कि लोग कोई ठोस कदम उठाने की जगह बस राजनीतिक हथकंडों में रुचि ले रहे हैं.'

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  • Last Updated: November 4, 2019, 4:34 PM IST
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नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंचे वायु प्रदूषण (Air Pollution) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सख्त टिप्पणी की है. दिल्ली और आसपास के वायु प्रदूषण पर सख्त टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि प्रदूषण और पराली पूरी तरह से सिस्टम की नाकामी है. कोर्ट ने कहा है कि यह हालात इमरजेंसी (Emergency) से भी बदतर हैं. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री रहने के दौरान लगी इमरजेंसी के दौरान के हालातों को अभी से बेहतर बताया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसान अपने लिए दूसरों की जान नहीं ले सकते.

शीर्ष अदालत ने दिल्ली और केंद्र सरकार को प्रदूषण पर तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि राज्य मशीनरी कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, केंद्र और दिल्ली को ही इस पर कुछ करना होगा. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पराली जलाने वालों के नाम देने को कहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने पराली जलाने के कारण पैदा हुए प्रदूषण को लेकर पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण या EPCA की रिपोर्ट पर यह सख्त टिप्पणी की. ईपीसीए ने दिल्ली-एनसीआर में कचरा जलाने और निर्माण कार्यों पर रोक लगाने का निर्देश दिया है.

हम लोगों को मरने नहीं देंगे-सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'लोग मर रहे हैं. आगे और लोग मरेंगे. यह देखना बेहद दुखद है कि लोग कोई ठोस कदम उठाने की जगह बस राजनीतिक हथकंडों में रुचि ले रहे हैं.' कोर्ट ने कहा, 'हम अब यह मामला देखेंगे. पराली जलाने का काम तुरंत बंद होना चाहिए और सभी राज्य इसे रोकने के लिए हर कदम उठाएं.'

हरियाणा-पंजाब में ठप है प्रशासनिक व्यवस्था

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सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही बेहद तल्ख लहजे में कहा कि पंजाब और हरियाणा में प्रशासनिक व्यवस्था ठप हो गई है. कोर्ट ने साथ ही कहा, 'यह सामूहिक नुकसान है और इसके लिए सभी अधिकारियों से लेकर ग्राम प्रधान के स्तर तक के सभी लोगों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए.'

सुप्रीम कोर्ट ने वायु प्रदूषण के इस पूरे मामले को अपने हाथ में लेते हुए न्यायमित्र (amicus curaie) से IIT के पर्यावरण विशेषज्ञ से बात करके हल निकालने का निर्देश दिया.

क्या कहता है दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, राजधानी दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) रविवार शाम 4 बजे तक 494 हो गया, जो 6 नंवबर 2016 के बाद सबसे ज्यादा है. साल 2016 में एयर क्वालिटी इंडेक्स 497 हो गया था. अशोक विहार, आनंद विहार, अरबिंदो मार्ग में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रिकॉर्ड हुई. दिल्ली के अलावा फरीदाबाद का AQI 493, नोएडा में 494, गाजियाबाद में 499, ग्रेटर नोएडा में 488, गुरुग्राम में 497 रहा.

DELHI POLLUTION
दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बेहद खतरनाक स्थिति पर पहुंच गई है.


अर्थ साइंस मिनिस्ट्री के एयर क्वालिटी मॉनिटर SAFAR के मुताबिक, पूरे दिल्ली-एनसीआर का AQI रविवार शाम 5 बजे तक 708 हो गया, जो सुरक्षित स्तर 0-50 से करीब 14 गुणा ज्यादा है. 0-50 के बीच के AQI को अच्छा माना जाता है, जबकि 51-100 के बीच का AQI संतोषजनक, 101-200 के बीच का AQI ठीक-ठाक, 201-300 के बीच का AQI खराब, 301-400 के बीच का AQI बहुत खराब और 401-500 के बीच का AQI गंभीर स्थिति का माना जाता है.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से अधिकृत पैनल ने गंभीर हालात से निपटने के लिए शुक्रवार को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा करते हुए सभी निर्माण कार्यों और पटाखा जलाने पर रोक लगा दी थी.

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First published: November 4, 2019, 2:17 PM IST
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