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सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार की जमानत खारिज करने की मांग पर की ईडी की खिंचाई

News18Hindi
Updated: November 15, 2019, 3:08 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार की जमानत खारिज करने की मांग पर की ईडी की खिंचाई
सुपीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार को दिल्‍ली हाईकोर्ट की ओर से दी गई जमानत के खिलाफ दायर ईडी की याचिका खारिज कर दी है.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जस्टिस आरएफ नरीमन (Justice RF Nariman) और एस. रविंद्र भट (Justice SR Bhat) ने ईडी (ED) की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल के उस आग्रह को ठुकरा दिया, जिसमें उन्‍होंने डीके शिवकुमार को दूसरी याचिकाओं पर नोटिस जारी करने की मांग की थी. दिल्‍ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने 23 अक्‍टूबर को शिवकुमार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Money Launderning Case) में जमानत दी थी.

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  • Last Updated: November 15, 2019, 3:08 PM IST
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नई दिल्‍ली. कर्नाटक के कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने उनकी जमानत रद्द करने की प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की याचिका खारिज कर दी है. ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) मामले में 23 अक्‍टूबर को दिल्‍ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) की ओर से शिवकुमार को जमानत (Bail) देने के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी. साथ ही कोर्ट ने साफ कर दिया कि शिवकुमार को कोई नोटिस जारी नहीं किया जा रहा है.

दूसरी याचिकाओं पर नोटिस जारी करने की मांग की
जस्टिस आरएफ नरीमन (Justice RF Nariman) और एस. रविंद्र भट (Justice SR Bhat) ने ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल के उस आग्रह को ठुकरा दिया, जिसमें उन्‍होंने डीके शिवकुमार को दूसरी याचिकाओं पर नोटिस जारी करने की मांग की थी. दिल्‍ली हाईकोर्ट ने 23 अक्‍टूबर को शिवकुमार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दी थी. इससे पहले निचली अदालत ने शिवकुमार की जमानत याचिका (bail Petition) खारिज कर दी थी. ईडी का कहना था कि डीके शिवकुमार पर गंभीर आरोप हैं. ऐसे में उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए. बता दें कि कर्नाटक के पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस (Congress) के संकटमोचक माने जाने वाले डीके शिवकुमार पर हवाला के जरिये लेन-देने के आरोप हैं.

शीर्ष अदालत ने की प्रवर्तन निदेशालय की खिंचाई

जस्टिस नरीमन ने ईडी से सख्‍त लहजे में कहा कि हमारे फैसलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय की खिंचाई करते हुए कहा कि आप देश के नागरिकों (Citizens) से इस तरह का व्‍यवहार नहीं कर सकते हैं. ये सही तरीका नहीं है. ईडी अपने अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को पढ़ने के लिए कहे. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सितंबर, 2018 में कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता डीके शिवकुमार, दिल्‍ली में कर्नाटक भवन (Karnataka House) के एक कर्मचारी और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था.

23 अक्‍टूबर को जेल से बाहर आ गए थे शिवकुमार
प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में शिवकुमार को 3 सितंबर को गिरफ्तार किया था. वह हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद 23 अक्टूबर को तिहाड़ जेल (Tihar Jail) से बाहर आ गए. शिवकुमार न्यायिक हिरासत में थे क्योंकि विशेष अदालत (Special Court) ने उन्हें मामले मे जमानत देने से इनकार कर दिया था. हाईकोर्ट ने शिवकुमार को जमानत देते हुए कहा था कि वह साक्ष्यों (Evidences) से छेड़छाड़ नहीं कर सकते, क्योंकि सारे दस्तावेज (Documents) जांच एजेंसी के कब्जे में हैं. हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि वह एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं. वह रिहा होने पर साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं. साथ ही गवाहों को भी प्रभावित कर सकते हैं.
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First published: November 15, 2019, 1:53 PM IST
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