सेंट्रल विस्टा परियोजना पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, CJI बोले- Covid-19 की स्थिति में कोई कुछ नहीं करेगा

सेंट्रल विस्टा परियोजना पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, CJI बोले- Covid-19 की स्थिति में कोई कुछ नहीं करेगा
सुप्रीम कोर्ट

नई संसद और सेंट्रल विस्टा को बनाने के लिए, डिजाइन का कॉन्ट्रैक्ट एचसीपी कॉन्ट्रैक्टर (HCP Design, Planning & Management Pvt. Ltd) दिया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2020, 1:50 PM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट (Central Vista Project) पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है जिसके तहत 20,000 करोड़ रुपये की लागत से सेंट्रल दिल्ली के लुटियंस जोन में एक नई संसद और अन्य केंद्र सरकार के कार्यालयों का निर्माण कराया जाना है.

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे ने कहा, 'परियोजना के खिलाफ इसी तरह की याचिका अदालत में लंबित है. Covid-19 के दौरान, कोई भी कुछ नहीं करने जा रहा है और कोई जल्दीबाजी नहीं है.' चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा, 'एक ऐसी ही याचिका लंबित है और इसकी नकल करने की कोई आवश्यकता नहीं है.' सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, 'संसद का निर्माण किया जा रहा है ... किसी को कोई आपत्ति क्यों होनी चाहिए?'

याचिकाकर्ता राजीव सूरी पहले ही परियोजना के खिलाफ याचिका दायर कर चुके हैं और यह शीर्ष अदालत में लंबित है. गुरुवार को CJI  और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की दो जजों की बेंच ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से याचिका पर सुनवाई की.



याचिका में सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के लिए भूमि उपयोग को चुनौती दी गई थी. आरोप लगाया गया है कि लुटियन के क्षेत्र में 86 एकड़ जमीन को कवर करने वाली परियोजना के चलते लोग खुले और हरी भरी जगहों से वंचित हो जाएंगे.
क्या है सेंट्रल विस्टा?
केंद्र सरकार ने इसके डिजाइनिंग का ठेका गुजरात की एचसीपी कॉन्ट्रैक्टर (HCP Design, Planning & Management Pvt. Ltd) को दिया है. नई संसद और सेंट्रल विस्टा बनाने के लिए डिजाइन का कॉन्ट्रैक्ट एचसीपी कॉन्ट्रैक्टर (HCP Design, Planning & Management Pvt. Ltd) को दिया गया है. इसे 250 साल के लिए तैयार किया जाएगा.

हमारे देश की संसद भवन का उद्घाटन 1927 में हुआ था. संसद भवन का निर्माण तत्कालीन समय को ध्यान में रखकर किया गया था. केंद्रीय सचिवालय सहित राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर के इलाके को नया लुक देने पर काम होगा. मौजूदा संसद भवन पुराने समय की जरूरतों के मुताबिक बना था.

सीपीडब्ल्यूडी ने मैसर्स एचसीपी डिजाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को कंसल्टेंसी का ठेका दिया है. संसद भवन, कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेंट्रल विस्टा के विकास/पुनर्विकास को पूरा करने के लिए समय निर्धारित किया गया हैं, जबकि केंद्रीय विस्टा परियोजना को पूरा करने के लिए सीपीडब्ल्यूडी को दी गई समय-सीमा नवंबर, 2021 है. मार्च 2022 तक संसद भवन और मार्च 2024 तक आम केंद्रीय सचिवालय पर काम पूरा होना है.

यह भी पढ़ें:- क्या है सेंट्रल विस्टा परियोजना जिसे सरकार पूरा करना चाहती है साल 2022 से पहले
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