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सुप्रीम कोर्ट का इलेक्‍टोरल बॉन्‍ड पर रोक से इनकार, केंद्र और चुनाव आयोग से मांगा जवाब

भाषा
Updated: January 20, 2020, 6:13 PM IST
सुप्रीम कोर्ट का इलेक्‍टोरल बॉन्‍ड पर रोक से इनकार, केंद्र और चुनाव आयोग से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्‍टोरल बॉन्‍ड को लेकर दायर एडीआर की याचिका पर केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है.

सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्‍टोरल बॉन्‍ड (Electoral Bond) पर रोक लगाने को लेकर दायर एडीआर (ADR) की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार (Central Government) और चुनाव आयोग (Election Commission) को नोटिस जारी किया है. शीर्ष अदालत ने केंद्र और चुनाव आयोग से दो सप्‍ताह में जबाव तलब किया है.

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नई दिल्‍ली. सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिए शुरू की गई इलेक्‍टोरल बॉन्‍ड स्‍कीम (Electoral Bond Scheme) पर रोक लगाने के लिये दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है. हालांकि, शीर्ष अदालत (Supreme Court) ने इलेक्‍टोरल बॉन्‍ड पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है. मुख्‍य न्यायाधीश एसए बोबडे (CJI SA Bobade), जस्टिस बीआर गवई (Justice BR Gavai) और सूर्य कांत (Justice Surya Kant) की पीठ ने सोमवार को गैरसरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (ADR) के आवेदन पर केंद्र और चुनाव आयोग से दो सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है.

'कालाधन सत्‍तारूढ़ दल के पक्ष में देना है बॉन्‍ड का मकसद'
एडीआर की ओर से पेश वरिष्‍ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) ने आरोप लगाया कि इस योजना का मकसद बिना हिसाब-किताब वाले कालेधन (Black Money) को सत्तारूढ़ दल के पक्ष में देना है. उन्होंने इस योजना पर रोक लगाने का अनुरोध करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के एक दस्तावेज का भी जिक्र किया. पीठ ने कहा, 'हम इसे देखेंगे. इस मामले पर अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी.' चुनाव आयोग (Election commission) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा कि ये सभी दलीलें पहले ही दी जा चुकी हैं. इस योजना के खिलाफ गैरसरकारी संगठन के आवेदन पर जवाब देने के लिये चार सप्ताह का समय दिया जाए.

केंद्र ने 10 दिन के लिए खोली है इलेक्‍टोरल बॉन्‍ड की बिक्री

केंद्र सरकार ने दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 (Delhi Assembly Election 2020) के दौरान 10 दिन के लिये इलेक्‍टोरल बॉन्‍ड की बिक्री खोली है. पूर्व वित्‍त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने 2 जनवरी, 2018 को इलेक्‍टोरल बॉन्‍ड स्‍कीम लॉन्‍च की थी. योजना के प्रावधानों के मुताबिक, कोई भी भारतीय नागरिक (Indian citizens) या संस्‍था इलेक्‍टोरल बॉन्‍ड खरीद सकता है. कोई व्यक्ति अकेले या संयुक्त रूप से भी इलेक्‍टोरल बॉन्‍ड खरीद सकता है.

अधिकृत बैंक के खाते से इलेक्‍टोरल बॉन्‍ड भुना सकते हैं दल
इलेक्‍टोरल बॉन्‍ड के जरिये सिर्फ उन्हीं राजनीतिक दलों (Political Parties) को चंदा मिलेगा, जो जनप्रतिनिधित्व कानून (Representation of the People Act) की धारा-29ए के तहत पंजीकृत हैं. साथ ही चंदा (Donation) लेने वाली पार्टी को पिछले लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) या विधानसभा चुनाव (Assembly Election) में कुल मतदान के एक प्रतिशत से कम वोट न मिले हों. अधिसूचना के अनुसार राजनीतिक दल अधिकृत बैंक में खाते के जरिये इन इलेक्‍टोरल बॉन्‍ड को भुना सकती है.ये भी पढ़ें:

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First published: January 20, 2020, 5:35 PM IST
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