असम NRC: सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड की अर्जी पर विचार करने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने गैर सरकारी संगठन के वकील सीयू सिंह ने जब अपना पक्ष रखने का प्रयास किया तो पीठ ने कहा,‘‘गैर सरकारी संगठन ने पक्षकार बनने के लिये आवेदन किया है.

भाषा
Updated: August 8, 2019, 8:05 PM IST
असम NRC: सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड की अर्जी पर विचार करने से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड की अर्जी पर विचार करने से किया इनकार
भाषा
Updated: August 8, 2019, 8:05 PM IST
सुप्रीम कोर्ट कोर्ट (Supreme Court)  ने असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) तैयार करने की कवायद से संबंधित चुनिंदा मुद्दे उठाने की अनुमति के लिए तीस्ता सीतलवाड के मुंबई स्थित गैर सरकारी संगठन के आवेदन पर विचार करने से इंकार कर दिया.

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन की पीठ ने कहा कि गैर सरकारी संगठन सिटीजन फार जस्टिस एंड पीस इस मामले में सिर्फ एक पक्षकार बनना चाहता है और उसने किसी अन्य निर्देश का अनुरोध नहीं किया है. ऐसी स्थिति में कोई निर्देश कैसे दिया जा सकता है.

पीठ ने गैर सरकारी संगठन के वकील सीयू सिंह ने जब अपना पक्ष रखने का प्रयास किया तो पीठ ने कहा,‘‘गैर सरकारी संगठन ने पक्षकार बनने के लिये आवेदन किया है. आपने कोई निर्देश देने का अनुरोध नहीं किया है. हमें आपको क्यों सुनना चाहिए?

कोर्ट ने कहा- हम क्या कर सकते हैं?

पीठ ने कहा, ‘‘हम क्या कर सकते हैं? क्या हम आपको बुलाकर आदेश दे सकते हैं. आपने किसी निर्देश के लिये आवेदन दाखिल नहीं किया है. आपका अनुरोध सिर्फ पक्षकार बनने के लिये है.’’ बेंच ने कहा, ‘‘हमने रजिस्ट्री से पता किया है. कोई राहत नहीं मांगी गयी है. हम कोई राहत कैसे दे सकते हैं?’’

NGO नहीं कर सकता हस्तक्षेप
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गैर सरकारी संगठन के कथन पर आपत्ति करते हुये कहा कि मुंबई स्थित गैर सरकारी संगठन (NGO) असम के मामले में कैसे हस्तक्षेप कर सकता है. तीस्ता सीतलवाड और उनके पति जावेद आनंद इस गैर सरकारी संगठन के संस्थापकों में हैं जो मानव अधिकारों की रक्षा के क्षेत्र में काम कर रहा है.
First published: August 8, 2019, 8:04 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...