सुप्रीम कोर्ट ने J&K में 4G मोबाइल इंटरनेट मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय टीम बनाई

सुप्रीम कोर्ट ने J&K में 4G मोबाइल इंटरनेट मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय टीम बनाई
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में 4जी इंटरनेट शुरू करने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपने आदेश में कहा है कि मानव अधिकार और राष्ट्रीय सुरक्षा को संतुलित करना होगा.

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नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में 4G इंटरनेट (4G Internet) नेटवर्क शुरू करने से सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का इनकार कर दिया है. कोई ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक कमेटी का गठन किया है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि मानव अधिकार और राष्ट्रीय सुरक्षा को संतुलित करना होगा.

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में 4G इंटरनेट सेवा शुरू करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है. हालांकि याचिकाकर्ता को थोड़ी राहत देते हुए कोर्ट ने एक कमिटी का फौरन गठन करने का आदेश दिया है.


केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी मिल कर कमेटी का गठन करेंगे और देखेंगे की किस तरह कश्मीर में इंटरनेट सेवा को संचालित किया जा सकता है. कोर्ट ने कहा कि हमें मानव अधिकार और राष्ट्रीय सुरक्षा को संतुलित करना है.



दरअसल करोना महामारी के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें कहा गया था कि कश्मीर में 4G इंटरनेट सेवाओं को शुरू करने की जरूरत है जो वहा फिलहाल बंद है. याचिका में कहा गया ​कि लॉकडाउन के दौरान सब कुछ बंद हो जाने से छात्रों को पढ़ाई में दिक्कत हो रही है. धीमे इंटरनेट में ऑनलाइन क्लास करना या फॉर्म भरना मुश्किल हो रहा है. साथ ही डॉक्टरों को इलाज में भी दिक्कत आ रही है. इसलिए जिस तरह देश भर में 4जी इंटरनेट है वैसा कश्मीर में भी होना चाहिए. लेकिन केंद्र सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि अतांकी संगठन 4जी सेवा का गलत फायदा उठा सकते है इसलिए इसे शुरू करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है.

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