सोशल मीडिया अकाउंट को आधार से जोड़ने पर SC ने कहा - केंद्र कुछ नहीं करेगा तो हमें ही कदम उठाना होगा

शीर्ष अदालत (Supreme Court) ने कहा, सोशल मीडिया अकाउंट (Social Media Accounts) और आधार (Aadhar) को लिंक करने से जुड़े मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) में चल रहे मामले को सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर करने पर उसे कोई आपत्ति नहीं है.

News18Hindi
Updated: September 13, 2019, 1:46 PM IST
सोशल मीडिया अकाउंट को आधार से जोड़ने पर SC ने कहा - केंद्र कुछ नहीं करेगा तो हमें ही कदम उठाना होगा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, उसे सोशल मीडिया अकाउंट और आधार को लिंक करने से जुड़े मद्रास हाईकोर्ट में चल रहे मामले को सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर करने पर कोई आपत्ति नहीं है.
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Updated: September 13, 2019, 1:46 PM IST
नई दिल्‍ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक (Facebook), ट्विटर (Twitter) और वॉट्सऐप (WhatsApp) को आधार (Aadhar) से लिंक करने के मामले पर केंद्र सरकार (Central Government) से औपचारिक जवाब तलब किया है. साथ ही कहा कि इस मासले पर जल्‍द से जल्‍द फैसला किया जाना चाहिए. पीठ ने तीखी टिप्‍पणी करते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार इस मामले को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है तो हमें ही कुछ करना होगा. पीठ ने कहा कि सरकार इस मामले में जल्‍द जवाब दे.

'अगर कानून या नियम है तो उसी के आधार पर दिया जाएगा फैसला'
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि क्‍या सोशल मीडिया को लेकर किसी तरह का कानून या नियम बनाया जा रहा है? इस पर मेहता ने कहा कि वह 24 सितंबर तक इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का रुख स्‍पष्‍ट कर देंगे. इस पर सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि अगर इस बारे में कोई कानून या नियम हैं तो हम उनके आधार पर अपना फैसला देंगे. बता दें कि फेसबुक ने सोशल मीडिया अकाउंट आधार से लिंक करने का विरोध करते हुए कहा था कि इससे यूजर्स की निजता का हनन हो सकता है.

सोशल मीडिया साइट्स ने कहा था, फैसले का होगा वैश्विक असर

पीठ ने कहा कि उसे सोशल मीडिया अकाउंट और आधार को लिंक करने से जुड़े मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) में चल रहे मुकदमों को सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर करने पर कोई आपत्ति नहीं है. बता दें कि तमिलनाडू सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से मामला मद्रास हाईकोर्ट में ही चलने देने की अपील की थी. वहीं, सोशल नेटवर्किंग साइट्स ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उनके खिलाफ पारित किसी भी आदेश का वैश्विक असर होगा, इसलिए शीर्ष अदालत को इस तरह के एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर फैसला करना चाहिए और विभिन्न हाईकोर्ट में लंबित सभी मामलों को सुप्रीम में हस्तांतरित किया जाना चाहिए.

शीर्ष अदालत ने सभी पक्षों से 13 सितंबर तक मांगी थी प्रतिक्रिया
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, गूगल (Google), ट्विटर, यूट्यूब (You-Tube) और अन्य लोगों को नोटिस भेजा था और उनसे 13 सितंबर तक प्रतिक्रिया मांगी थी. मामले की अगस्त में सुनवाई करते हुए जस्टिस दीपक गुप्ता और अनिरुद्ध बोस ने कहा था कि मद्रास हाईकोर्ट के सामने लंबित मामला वहीं जारी रहेगा, लेकिन कोई अंतिम आदेश इस मामले में पारित नहीं किया जाएगा. सरकार फेसबुक, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया अकाउंट्स को आधार से लिंक करने की तैयारी में है. इस मामले में सरकार ने UIDAI से राय भी मांगी थी.
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First published: September 13, 2019, 1:45 PM IST
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