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सुप्रीम कोर्ट का आदेश, चार हफ्ते में सबरीमाला को लेकर कानून लाए केरल सरकार

एहतेशाम खान | News18Hindi
Updated: November 20, 2019, 5:11 PM IST
सुप्रीम कोर्ट का आदेश, चार हफ्ते में सबरीमाला को लेकर कानून लाए केरल सरकार
सुप्रीम कोर्ट ने चार हफ्तों में केरल सरकार से सबरीमाला पर कानून लेकर आने की बात कही है (फाइल फोटो, Reuters)

राज्य सरकार सिर्फ सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Ayyappa Temple) के लिए कानून लाने के बजाय इस क्षेत्र के कई अन्य मंदिरों (Other Temples) के लिए भी कानून लेकर आई थी लेकिन कोर्ट ने अब इस पर ऐतराज जताते हुए सिर्फ सबरीमाला के लिए कानून तैयार करने की बात कही है.

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  • Last Updated: November 20, 2019, 5:11 PM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केरल सरकार (Kerala Government) से कहा है कि वो चार हफ्ते में सबरीमाला अयप्पा मंदिर (Sabarimala Ayyappa Temple) के प्रशासन और दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए अलग से क़ानून पेश करे. कोर्ट ने पिछले साल अगस्त में केरल सरकार को सबरीमला मंदिर के लिए नया क़ानून (New Law) लाने के लिए कहा था.

राज्य सरकार सिर्फ सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Ayyappa Temple) के लिए कानून लाने के बजाय इस क्षेत्र के कई अन्य मंदिरों (Other Temples) के लिए भी कानून लेकर आई थी लेकिन कोर्ट ने अब इस पर ऐतराज जताते हुए सिर्फ सबरीमाला के लिए कानून तैयार करने की बात कही है.

राज्य सरकार सबरीमाला के साथ अन्य मंदिरों के लिए भी लेकर आना चाहती थी संयुक्त कानून
हालांकि राज्य सरकार ने त्रावणकोर-कोचीन रिलीजियस इंस्टिट्यूशन एक्ट (Travancore-Cochin Hindu Religious Institutions Amendment Act, 2018) का ड्राफ्ट पेश किया. क्योंकि सरकार सबरीमाला और बाकी मंदिरों के लिए संयुक्त रूप से क़ानून लाना चाह रही थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर ऐतराज जाहिर किया.

कोर्ट ने कहा- 'सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Ayyappa Temple) के लिए अलग से क़ानून होना चाहिए.' कोर्ट ने सरकार को क़ानून लाने के लिए अगले साल जनवरी के तीसरे हफ्ते तक का वक़्त दिया है.

सरकार के त्रावणकोर-कोचीन रिलीजियस इंस्टिट्यूशन एक्ट में क्या था खास?
त्रावणकोर-कोचीन रिलीजियस इंस्टिट्यूशन एक्ट में राज्य सरकार (State Government) द्वारा लाए गए संशोधन के मुताबिक मंदिर सलाहकार समिति में महिलाओं के लिए एक-तिहाई कोटा आरक्षित किये जाने का प्रावधान है.
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सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि पैनल में महिलाओं (Women) को जगह किस आधार पर दी जा रही है, जबकि अभी 7 जजों की बेंच को धार्मिक परंपराओं से जुड़े बड़े संवैधानिक पहलुओं पर विचार करना है.

'10 से 50 साल की महिलाओं पर लगा बैन तो उम्रदराज महिलाओं को मिलेगी समिति में जगह'
केरल सरकार ने कहा कि अगर सात जजों की बेंच 10 से 50 साल उम्र की महिलाओं की सबरीमाला मंदिर में एंट्री पर बैन (Entry Ban) लगाती है, तो 50 साल से ज़्यादा उम्र की महिलाओं को मंदिर सलाहकार समिति में जगह दी जाएगी.

जस्टिस गवई (Justice BR Gavai) ने टिप्पणी की कि पिछले साल दिए गए फैसले के मुताबिक अभी मंदिर में महिलाओं की एंट्री पर कोई प्रतिबंध नहीं है.

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First published: November 20, 2019, 4:21 PM IST
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