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SC ने कहा ब्लैकमेल करने के लिए हो रहा RTI का इस्तेमाल, इसका दुरुपयोग रोकने को होना चाहिए फिल्टर

News18Hindi
Updated: December 16, 2019, 4:54 PM IST
SC ने कहा ब्लैकमेल करने के लिए हो रहा RTI का इस्तेमाल, इसका दुरुपयोग रोकने को होना चाहिए फिल्टर
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है, ‘हम केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश देते हैं कि नियुक्तियां करना आज से शुरू कर दें' (News18 क्रिएटिव)

सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा, ‘‘जिन लोगों का किसी मुद्दे विशेष से किसी तरह का कोई सरोकार नहीं होता है वह भी आरटीआई (RTI) दाखिल कर देते हैं. यह एक तरह से आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation) जैसा है, जैसे ब्लैकमेल (Blackmail) करना.

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  • Last Updated: December 16, 2019, 4:54 PM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा है कि सूचना का अधिकार अधिनियम (Right to Information Act) का दुरुपयोग रोकने के लिए कुछ दिशानिर्देश बनाना आवश्यक है. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया कि वह दो हफ्ते के भीतर उस खोज समिति के सदस्यों के नाम वेबसाइट पर डाले जिन्हें सूचना आयुक्त (Information Commissioner) चुनने की जिम्मेदारी दी गई है.

उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने केंद्र, राज्यों से सीआईसी (CIC), एसआईसी (SIC) में तीन महीने के भीतर सूचना आयुक्त (Information Commissioner) नियुक्त करने का निर्देश दिया.

मुद्दे विशेष के बिना RTI दाखिल करना, आपराधिक धमकी जैसा
सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा, ‘‘जिन लोगों का किसी मुद्दे विशेष से किसी तरह का कोई सरोकार नहीं होता है वह भी आरटीआई (RTI) दाखिल कर देते हैं. यह एक तरह से आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation) जैसा है, जैसे ब्लैकमेल करना. हम सूचना के अधिकार के खिलाफ नहीं हैं लेकिन दिशा-निर्देश बनाने की जरूरत है.’’

पीठ अंजलि भारद्वाज की अंतरिम याचिका (Interim Petition) पर सुनवाई कर रही थी.

15 फरवरी के आदेश के बाद भी नहीं की गई CIC और SIC की नियुक्ति
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केंद्र और राज्य सरकारों को केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) और राज्य सूचना आयोगों (SIC) में तीन महीने के भीतर सूचना आयुक्तों की नियुक्ति करने का निर्देश दिया और कहा कि सूचना का अधिकार कानून का दुरुपयोग रोकने के लिए दिशा-निर्देश बनाने की आवश्यकता है.चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने अधिवक्ता प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) की इस बात पर गौर किया कि शीर्ष अदालत के 15 फरवरी के आदेश के बावजूद केंद्र और राज्य सरकारों ने सीआईसी और एसआईसी में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति नहीं की है.

पीठ ने दिया निर्देश, 'आज से ही शुरू करें नियुक्तियां'
जस्टिस बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत भी इस पीठ का हिस्सा हैं. पीठ ने कहा, ‘‘हम केंद्र और राज्य सरकारों (Central and State Governments) को निर्देश देते हैं कि नियुक्तियां करना आज से शुरू कर दें.’’

न्यायालय ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह दो हफ्ते के भीतर उस खोज समिति के सदस्यों के नाम सरकारी वेबसाइट पर डालें जिन्हें CIC के सूचना आयुक्त चुनने की जिम्मेदारी दी गई है. इस मामले पर सुनवाई के दौरान पीठ ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के दुरुपयोग का मामला भी उठाया और कहा कि इसके नियमन के लिए कुछ दिशा-निर्देश बनाने की आवश्यकता है.

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First published: December 16, 2019, 4:54 PM IST
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