गोवा सरकार के सचिव को राज्‍य का चुनाव आयुक्‍त बनाना संविधान के खिलाफ: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने रेप आरोपी को दी जमानत (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट ने रेप आरोपी को दी जमानत (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा राज्‍य का चुनाव आयुक्‍त (Election Commissioner) एक स्वतंत्र व्यक्ति होना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा जो व्‍यक्ति सरकार में कोई पद संभाल रहा हो उसे राज्‍य के चुनाव आयुक्‍त का पद कैसे दिया जा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2021, 9:37 PM IST
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नई दिल्‍ली. चुनावों के मद्देनजर एक अहम फैसले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा राज्‍य का चुनाव आयुक्‍त (Election Commissioner) एक स्वतंत्र व्यक्ति होना चाहिए. राज्‍य सरकार से जुड़े किसी भी व्‍यक्ति को चुनाव आयुक्‍त नियुक्‍त करना भारत के संविधान के विरुद्ध है. सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला गोवा सरकार के सचिव को राज्य चुनाव आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार देने पर सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा जो व्‍यक्ति सरकार में कोई पद संभाल रहा हो उसे राज्‍य के चुनाव आयुक्‍त का पद कैसे दिया जा सकता है.

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस आरएफ नरीमन ने गोवा सरकार पर सवाल उठाया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग की स्वतंत्रता से समझौता नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने कहा कि सरकार में किसी पद पर बैठे व्‍यक्ति को राज्य चुनाव आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपना संविधान का मखौल उड़ाना है.

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उन्‍होंने कहा कि गोवा में जिस तरह ये राज्‍य चुनाव आयुक्‍त का पद सरकार के सचिव को दिया गया है वह काफी परेशान करने वाला है. एक सरकारी कर्मचारी, जो सरकार के साथ रोजगार में था, गोवा में चुनाव आयोग का प्रभारी है. सरकारी अधिकारी ने पंचायत चुनाव कराने के संबंध में उच्च न्यायालय के फैसले को पलटने का प्रयास किया.
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