धार्मिक स्थलों को खोलने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

धार्मिक स्थलों को खोलने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट मोरेटोरियम के मामले पर 10 सितंबर को सुनवाई करेगा. बैंकों की ओर से ग्राहकों को लोन की किस्‍त नहीं चुकाने की छूट 31 अगस्‍त को खत्‍म हो चुकी है.

Opening up of religious place: देश में कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते मार्च से ही धार्मिक स्थल बंद हैं. कई धार्मिक स्थलों को खोल दिया गया है जबकि कुछ राज्यों में धार्मिक स्थलों को खोलने की इजाजत अभी नहीं दी गई है.

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नई दिल्ली. उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) की वजह से देश भर में बंद किये गये धार्मिक स्थलों को अब खोलने के लिए दायर याचिका पर बुधवार को केंद्र से जवाब मांगा है. प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे (Chief Justice SA Bobde), न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना (Justice SA Bopanna) और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन (Justice V Ramasubramanian) की पीठ ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मामले की सुनवाई करते हुए गृह मंत्रालय (Home Ministry को नोटिस जारी किया.

देश में सभी धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति के लिए अहमदाबाद (Ahmedabad) स्थित ‘गीतार्थ गंगा ट्रस्ट’ (Geetarth Ganga Trust) ने न्यायालय में याचिका दायर की है. पीठ ने कहा, ‘‘हम संभावना तलाशने के लिए नोटिस जारी कर रहे हैं.’’ यह ट्रस्ट एक धार्मिक शोध संस्थान है और इसने अधिवक्ता सुरजेन्दु संकर दास के माध्यम से याचिका दायर की है.

मौलिक अधिकारों की सुरक्षा का दिया गया हवाला
याचिका में कहा गया है कि इसे दायर करने का एकमात्र उद्देश्य देश में भारत के नागरिकों के धार्मिक स्थलों को पूजा अर्चना के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(क) और (ख) , 25, 26 और 21 में प्रदत्त मौलिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित कराना है.
बता दें देश में कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के चलते मार्च से ही धार्मिक स्थल बंद हैं. हालांकि सरकार ने अनलॉक की प्रक्रिया में धार्मिक स्थलों को खोलने की इजाजत दी थी. इसके बावजूद भी कई राज्यों में कोरोना के अधिक मामले होने के चलते धार्मिक स्थलों पर लगी पाबंदी कायम है.





नकवी ने कहा, लोगों ने पेश किया उदाहरण
इससे पहले अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (Mukhtar Abbas Naqvi) ने कहा था कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान भारत में धार्मिक स्थलों पर बेहद आत्म अनुशासन और सतर्कता बरती गई और इसने समूची दुनिया के लिए उदाहरण पेश किया. उन्होंने कहा कि दुनिया के लगभग सभी धर्मों के लोग भारत में रहते हैं और कोरोना वायरस संकट के दौरान विभिन्न त्योहार और धार्मिक आयोजन भी हुए. हजरत निजामुद्दीन दरगाह में प्रार्थना के बाद नकवी ने कहा, “देश के लोगों ने संयम, सजगता, संवेदनशीलता का प्रदर्शन किया और महामारी को रोकने के लिए ऐहतियात बरतते हुए सामाजिक दूरी के दिशानिर्देशों का पालन कर सभी त्योहार मनाए.”

नकवी ने दरगाह में लोगों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए कामना की.

करीब पांच महीने बाद दक्षिण दिल्ली स्थित इस दरगाह को रविवार को खोला गया लेकिन कोविड-19 महामारी की वजह से यहां शाम को आयोजित होने वाली कव्वाली फिलहाल नहीं होगी.
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