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जम्मू-कश्मीर HC का जज नियुक्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तीन बार भेजा वकील का नाम, अब तक नहीं हुआ फैसला

जम्मू-कश्मीर HC का जज नियुक्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तीन बार भेजा वकील का नाम, अब तक नहीं हुआ फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने 12 नामों की सिफारिशें फिर की है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

सुप्रीम कोर्ट ने 12 नामों की सिफारिशें फिर की है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

प्रक्रिया के अनुसार, हाई कोर्ट कॉलेजियम उन उम्मीदवारों के नाम कानून मंत्रालय को भेजता है, जिन्हें वह हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के लिए उपयुक्त समझता है.

    नई दिल्ली. देश की अलग-अलग हाई कोर्ट्स में न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया के तहत छह महीने बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम (Supreme Court Collegium) ने दूसरी बार जम्मू और कश्मीर हाई कोर्ट (Jammu And Kashmir Highcourt) के न्यायाधीश के रूप में एक वकील को नियुक्त करने की सिफारिश फिर से भेजी है. हालांकि सरकार ने अब तक इस पर कोई फैसला नहीं किया है. अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार कॉलेजियम ने इस साल मार्च में वकील सादिक वसीम नागराल के लिए फिर से सिफारिश भेजी थी. रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने कहा कि सरकार के पास लंबित सिफारिशों में से सबसे पुरानी वकील नागराल की ही है. जम्मू के वकील नागराल ने पूर्व राज्य जम्मू और कश्मीर के वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता के तौर पर काम किया है. उन्होंने अधिकतर अदालत में गृह मंत्रालय का पक्ष रखा है. केंद्र सरकार के वकील के तौर पर उन्होंने हाई कोर्ट में सेना, बीएसएफ और सीआरपीएफ सहित सुरक्षा बलों का पक्ष रखा है.

    नागराल का नाम सबसे पहले 24 अगस्त, 2017 को हाई कोर्ट कॉलेजियम द्वारा प्रस्तावित किया गया था. उनकी उम्मीदवारी को 6 अप्रैल, 2018 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने स्वीकृति दी. इसके बाद जनवरी 2019 में और फिर इस साल मार्च में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अपनी सिफारिश सरकार को भेजी. परपंरागत तौर पर अगर सुप्रीम कोर्ट सरकार को कोई सिफारिश फिर से भेजती है तो वह उसे मानने को बाध्य है.

    सुप्रीम कोर्ट ने इन नामों की भी भेजी सिफारिश
    अखबार की रिपोर्ट के अनुसार नागराल के अलावा सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में दो अन्य नामों की सिफारिश फिर से भेजी है. ये नाम भी सरकार के पास लंबित हैं. 1 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने वकील मोक्ष खजूरिया काज़मी और वकील राहुल भारती के नाम की सिफारिश फिर से भेजी. काज़मी के नाम की पहली बार अक्टूबर 2019 में सिफारिश की गई थी, जबकि भारती के नाम की सिफारिश मार्च में की गई थी.

    खजुरिया काज़मी सीनियर एडवोकेट हैं, जिन्होंने साल 2016 में राज्यपाल शासन के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में कार्य किया. वह जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली पीडीपी-भाजपा सरकार में भी काम करते रहे. 1 सितंबर को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एन वी रमण की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा फिर से सिफारिश किए गए 12 नामों में खजुरिया काज़मी और भारती के नाम शामिल हैं.

    रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट की कोलेजियम ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के लिए कॉलेजियम ने तीन न्यायिक अधिकारियों – ओम प्रकाश त्रिपाठी, उमेश चंद्र शर्मा और सैयद वाइज़ मियां को नियुक्त करने की सिफारिश दोहराई. वहीं राजस्थान हाई कोर्ट के लिए कॉलेजियम ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता, अधिवक्ता फरजंद अली के लिए सिफारिश 11 अक्टूबर को दोहराई. अली का नाम जुलाई 2019 में पहली बार सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने भेजा था जिसे सरकार ने मंजूरी दे दी थी.

    इसके साथ ही कलकत्ता हाई कोर्ट के लिए, कॉलेजियम ने एडवोकेट जयतोष मजूमदार, अमितेश बनर्जी, राजा बसु चौधरी और लपिता बनर्जी की नियुक्ति के लिए सिफारिश दोहराई. 8 अक्टूबर को कॉलेजियम ने हाई कोर्ट में एक और वकील शाक्य सेन को नियुक्त करने की अपनी सिफारिश दोहराई है.

    क्या है नामों के मंजूरी की प्रक्रिया?
    बता दें स्थापित प्रक्रिया के अनुसार, हाई कोर्ट कॉलेजियम उन उम्मीदवारों के नाम कानून मंत्रालय को भेजता है, जिन्हें वह हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के लिए उपयुक्त समझता है. मंत्रालय, उम्मीदवारों के नामों को उनके अन्य विवरणों के बारे में आईबी रिपोर्ट के साथ सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को भेजता है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम तब इन नामों पर विचार करता है और हाई कोर्ट्स के न्यायाधीशों के रूप में पदोन्नति के लिए उन नामों में से सिफारिश करता है.

    दो से चार साल पहले संबंधित हाई कोर्ट्स के कॉलेजियमों द्वारा 12 नामों की सिफारिश की गई थी. हाई कोर्ट्स में नई नियुक्तियों की पहल के तहत शनिवार को सात अधिवक्ताओं को गुजरात हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है, जबकि 14 अक्टूबर को तीन हाई कोर्ट्स में सात न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई, जिनमें से चार अधिवक्ता हैं. तीन अन्य हाई कोर्ट्स में रिकॉर्ड 17 नियुक्तियों के एक दिन बाद बुधवार को तीन हाई कोर्ट्स में कुल 14 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई.

    ग्यारह अक्टूबर को तीन अधिवक्ताओं और दो न्यायिक अधिकारियों को राजस्थान हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था. नौ अक्टूबर को, आठ न्यायाधीशों को हाई कोर्ट्स के मुख्य न्यायाधीशों के रूप में पदोन्नत किया गया था और पांच हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर स्थानांतरित किया गया था. एक अलग घटनाक्रम में, 11 अक्टूबर को सात न्यायाधीशों को विभिन्न हाई कोर्ट्स में स्थानांतरित कर दिया गया था. पांच अक्टूबर को 11 हाई कोर्ट्स के 15 न्यायाधीशों का तबादला कर दिया गया था.

    Tags: CJI NV Ramana, Court, High court, India, Law Commission, Supreme Court

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