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दिल्‍ली हिंसा: शशि थरूर और 6 पत्रकारों की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

शशि थरूर समेत सभी पर भड़काऊ ट्वीट करने का है आरोप. (File pic)
शशि थरूर समेत सभी पर भड़काऊ ट्वीट करने का है आरोप. (File pic)

Republic Day Violence: इन लोगों पर किसानों की ट्रैक्टर रैली के दिन गलत ट्वीट कर दंगा भड़काने का आरोप है. इन पर देशद्रोह का भी मुकदमा दर्ज हुआ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 9, 2021, 3:07 PM IST
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नई दिल्‍ली. 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस (Republic Day) के दिन दिल्‍ली में किसान ट्रैक्‍टर रैली (Kisan Tractor rally) के दौरान हुई हिंसा (Republic Day Violence) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) और 6 पत्रकारों को बड़ी राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए इन सभी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. साथ ही यूपी, मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. अब इस मामले में दो हफ्ते के बाद सुनवाई होगी.

इस मामले में कांग्रेस सांसद शशि थरूर, पत्रकार राजदीप सरदेसाई, मृणाल पांडे और अन्य पत्रकारों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं. इन लोगों पर किसानों की ट्रैक्टर रैली के दिन गलत ट्वीट कर दंगा भड़काने का आरोप है. इन पर देशद्रोह का भी मुकदमा दर्ज हुआ है.





यह सुनवाई मंगलवार को तीन जजों की पीठ (चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबड़े, जस्टिस एएस बोपन्‍ना, जस्टिस वी रामासुब्रमण्‍यम) ने की. यह याचिका सांसद शशि थरूर, पत्रकार राजदीप सरदेसाई, जफर आघा, मृणाल पांडे, विनोद के जोस, परेश नाथ और अनंत नाथ ने दायर की थी.

हालांकि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता चाहते थे कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले को मंगलवार के बजाय बुधवार को सुने. लेकिन सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने इससे इनकार कर दिया. बार एंड बेंच के अनुसार तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा, 'मैं आपको दिखा सकता हूं कि इन ट्वीट ने लाखों फॉलावर्स पर क्‍या प्रभाव डाला.' याचिकाकर्ताओं ने उनके खिलाफ एफआईआर को रद्द करने की भी मांग की थी.
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