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बच्चों से रेप के मामले में CJI ने खुद दर्ज कराई PIL,बोले- हालात गंभीर

बच्चों से रेप के मामले में CJI ने खुद दर्ज कराई PIL,बोले- हालात गंभीर

बच्चों से रेप के मामले में CJI ने खुद दर्ज कराई PIL,बोले- हालात गंभीर

बच्चों से रेप के मामले में CJI ने खुद दर्ज कराई PIL,बोले- हालात गंभीर

हाल में आए आंकड़ों के मुताबिक पहली जनवरी से 30 जून तक देशभर में बच्चों से रेप के 24 हजार मुकदमें दर्ज किए गए हैं.

    देशभर में लगातार बच्चों के साथ हो रही रेप की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट से बच्चों के साथ रेप के मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए पीआईएल दाखिल की है. सीजेआई जस्टिस रंजन गोगोई ने लगातार मीडिया में आ रही बच्चों से रेप की घटनाओं से आहत होकर पीआईएल दाखिल की है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील वी गिरी को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम रिजस्ट्री से पूरे देश में पहली जनवरी से अब तक ऐसे मामलों में दर्ज एफआईआर और ऐसे मामलों में की गई कानूनी कार्रवाई के आंकड़े तैयार करने को कहा है.

    हाल में आए आंकड़ों के मुताबिक पहली जनवरी से 30 जून तक देशभर में बच्चों से रेप के 24 हजार मुकदमें दर्ज किए गए हैं. इन आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश के हैं. 3457 मुकदमों के साथ उत्तर प्रदेश बच्चों के साथ रेप के मामले में सबसे ऊपर है. जबकि नौ मुकदमों के साथ नगालैंड सबसे नीचे पायदान पर हैं.

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    बच्चों से रेप के संवेदनशील मामलों में पुलिस की लापरवाही को भी जिम्मेदार बताया गया है. बताया जाता है कि उत्तर प्रदेश के 50 फीसदी से ज़्यादा यानी 1779 मुकदमों की जांच तक अभी पूरी नहीं हो सकी है. इस सूची में मध्यप्रदेश 2389 मामलों के साथ दूसरे नंबर पर है लेकिन पुलिस 1841 मामलों में जांच पूरी कर चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है. प्रदेश की निचली अदालतों ने 247 मामलों में तो ट्रायल भी पूरा कर लिया है

    Tags: Court, Justice Ranjan Gogoi, Rape, Supreme Court, Supreme court of india

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