दिल्ली की जहरीली हवा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार से कहा- 'जल्द एक्शन लें'

कोर्ट ने साथ ही यह निर्देश दिया है कि सरकार सुनिश्चित करें कि दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग ज्यादा न हो.
कोर्ट ने साथ ही यह निर्देश दिया है कि सरकार सुनिश्चित करें कि दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग ज्यादा न हो.

Delhi Air Pollutions : दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई है. इन याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह निर्देश दिए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 6, 2020, 6:36 PM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा कि दिल्ली-एनसीआर में कोई स्मॉग न हो. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में स्मॉग को जल्द से जल्द हटाया जाए क्योंकि कोर्ट ने दिल्ली में वायु प्रदूषण (Air Pollution) पर तत्काल कदम उठाने के लिए दो याचिकाओं को 16 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दिया है.

सीजेआई एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने कहा, "हम मामले को फिर से खोलने के बाद स्थगित कर रहे हैं (अगले सप्ताह दीवाली ब्रेक के बाद). केवल एक चीज है, तब तक आप (केंद्र) सुनिश्चित कर सकते हैं कि शहर में कोई स्मॉग न हो." केंद्र सरकार की ओर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को यह बताया कि एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट के लिए कमीशन आज से काम करना शुरू करेगा. केंद्र सरकार ने गुरुवार को दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव एमएम कुट्टी को दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों के लिए गठित कमीशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट का अध्यक्ष नियुक्त किया है.

दिल्ली के प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका
दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं. इन याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह निर्देश दिए हैं. अब इन याचिका पर कोर्ट दीवाली की छुट्टियों के बाद सुनवाई करेगा.




दिल्ली में वायु गुणवत्ता बहुत खराब
राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता शुक्रवार सुबह 'बहुत खराब' श्रेणी में रही, जबकि सरकारी एजेंसियों ने कहा कि आगामी 24 घंटे में इसमें थोड़ा सुधार होने की संभावना है. पराली जलाने के मामलों में वृद्धि और हवा की गति कम होने के कारण राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार सुबह प्रदूषण पिछले एक साल में सबसे खराब स्तर पर पहुंच गया था. इसमें पराली जलाने की हिस्सेदारी 42 फीसदी थी.
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