हैदराबाद एनकाउंटर पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, जांच कमिटी ने मांगा और समय

हैदराबाद एनकाउंटर पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, जांच कमिटी ने मांगा और समय
दिसंबर में हुए एनकाउंटर के घटनास्थल की फाइल फोटो PTI

हैदराबाद एनकाउंटर (Hyderabad Encounter Case) मामले पर बनाई गए जांच कमिटी की एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) सुनवाई करेगा.

  • Share this:
हैदराबाद. हैदराबाद में चार ररेप आरोपियों के एनकाउंटर  (Hyderabad Encounter Case) मामले पर बनाई गए जांच कमिटी की एक याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हो सकती है. एनकाउंटर की जांच करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज वीएस सिरपुरकर की अगुवाई वाले जांच कमिटी ने और समय मांगा है. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. कमिटी द्वारा दाखिल की गई याचिका में कहा गया है कि कोरोना और लॉकडाउन के चलते जांच मं देरी हुई है. इसलिए जांच पूरी करने के लिए थोड़ी और मोहलत दी जाए.

बीते साल 27 नवंबर को हैदराबाद की एक वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी. लाश को पेट्रोल से जलाकर नाले के पास फेंक दिया गया था. पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपी मोहम्मद आरिफ, नवीन, शिवा और चेन्नाकेशावुलू शादनगर को गिरफ्तार किया था. कोर्ट ने इन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था. हालांकि, ये सभी चटनपल्ली में एक पुलिस मुठभेड़ में मार गिराए गए थे.

एनकाउंटर के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
डीसीपी प्रकाश रेड्डी ने बताया था, 'साइबराबाद पुलिस आरोपियों को क्राइम सीन री-क्रिएट करने के लिए लाई थी, ताकि घटना से जुड़ी कड़ियों को जोड़ा जा सके. इसी दौरान आरोपियों ने पुलिस से हथियार छीन लिए और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसमें आरोपियों की मौत हो गई.'
एनकाउंटर के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. यहां चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने कहा था कि शीर्ष अदालत चाहती है कि इस  सुप्रीम कोर्ट के दिल्ली में रहने वाले किसी पूर्व न्यायाधीश को इस मामले की जांच करनी चाहिए.



इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद में महिला डॉक्टर से गैंगरेप-मर्डर के बाद हुए चार आरोपियों के पुलिस एनकाउंटर मामले में तीन सदस्यीय न्यायिक जांच कमिटी का गठन किया. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज वीएस सिरपुरकर इसके प्रमुख हैं. वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट की पूर्व जज रेखा बालदोता और पूर्व सीबीआई डायरेक्टर कार्तिकेन भी इसके सदस्य बनाए गए हैं. शीर्ष अदालत ने कमिटी को अपनी रिपोर्ट छह महीने में देने को कहा था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading