राफेल डील में भ्रष्‍टाचार के आरोपों पर फिर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

राफेल डील को लेकर नए आरोप आए हैं सामने. (File pic)

राफेल डील को लेकर नए आरोप आए हैं सामने. (File pic)

Rafale Deal: वकील एमएल शर्मा की ओर से यह याचिका दायर की गई है. उन्‍होंने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में सामने आए नए आरोपों की स्‍वतंत्र जांच की मांग की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 13, 2021, 12:26 AM IST
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नई दिल्‍ली. राफेल सौदे (Rafale Deal) में कथित रूप से हुए भ्रष्‍टाचार के आरोपों की जांच के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक नई जनहित याचिका दायर की गई है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) इस याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने याचिकाकर्ता से कहा है कि सर्वोच्‍च न्‍यायालय इस पर सुनवाई दो हफ्ते बाद करेगा.

वकील एमएल शर्मा की ओर से यह याचिका दायर की गई है. उन्‍होंने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में सामने आए नए आरोपों की स्‍वतंत्र जांच की मांग की है. दरअसल हाल ही में फ्रांसीसी मीडिया प्रकाशन मीडियापार्ट ने देश की भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी की जांच का हवाला देते हुए खबर प्रकाशित की थी कि दसॉल्ट एविएशन ने एक भारतीय बिचौलिए को दस लाख यूरो की रिश्वत दी थी.

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जिस भारतीय कंपनी को रिश्‍वत देने का आरोप लगाया गया है, उसका नाम डेफिसिस है. इसे सुशेन गुप्‍ता चलाते हैं. उनके खिलाफ अगस्‍ता वेस्‍टलैंड हेलिकॉप्‍टर घोटाले की भी जांच हो रही है. उन्‍हें पहले गिरफ्तार किया जा चुका है. बाद में उन्‍हें जमानत मिल गई थी. वहीं डेफिसिस ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार कर दिया है.
मीडियापार्ट ने कहा था कि दसॉ का कहना है कि इस पैसे को राफेल विमान के जैसे ही 50 बड़े विमान की हुबहू कॉपी बनाने के लिए दिया गया था. लेकिन यहां तक कि इंस्‍पेक्‍टर भी ऐसे सबूत नहीं दे पाए हैं कि ये मॉडल बनकर तैयार भी हुए थे.



केंद्र सरकार ने फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी दसॉल्ट एविएशन से 36 राफेल जेट खरीदने के लिए 23 सितंबर, 2016 को 59,000 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. लोकसभा चुनाव 2019 से पहले कांग्रेस ने विमान की दरों और कथित भ्रष्टाचार सहित इस सौदे को लेकर कई सवाल खड़े किए थे, लेकिन सरकार ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया था.
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