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नागरिकता कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज होगी अहम सुनवाई

एहतेशाम खान | News18Hindi
Updated: January 22, 2020, 5:45 AM IST
नागरिकता कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज होगी अहम सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं में कहा गया है कि भारत के कानून में धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में होने वाली सुनवाई पर सबकी नज़र है क्योंकि इसका असर देश भर में सीएए (CAA) को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर पड़ेगा.

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  • Last Updated: January 22, 2020, 5:45 AM IST
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नई दिल्ली. नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) यानी CAA को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में बुधवार को अहम सुनवाई होगी. इस कानून को लेकर अब तक 140 याचिकाएं दाखिल की जा चुकी हैं. ज़्यादातर याचिकाएं इस कानून के विरोध में है. लेकिन कुछ याचिका इसके समर्थन में भी हैं. इसके अलावा कुछ याचिकाओं में एनपीआर (NPR) यानी नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (National Population Register) को भी चुनौती दी गई है. विरोध में दाखिल की गई याचिकाओं में CAA को गैर संवैधानिक घोषित कर रद्द करने की मांग की गई है.




ये हुआ है संशोधन
CAA में नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) ने बदलाव करके कुछ हिंदू, सिख, ईसाई, बौद्ध और पारसी धर्म के लोगों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान किया है. संशोधित कानून के मुताबिक पाकिस्तान (Pakistan), बांग्लादेश (Bangladesh) और अफ़ग़ानिस्तान (Afghanistan) से भारत आए हिन्दू, सिख, ईसाई, पारसी और बौद्ध धर्म के शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रावधान है. लेकिन इसमें मुसलमानों को शामिल नहीं किया गया है.सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं में कहा गया है कि भारत के कानून में धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता. इसलिए इस कानून को रद्द कर इसमें मुसलमानों को भी शामिल किया जाए. साथ ही कई अन्य देश में भी लोग प्रताड़ित है उन्हें भी भारत में जगह मिलनी चाहिए.

लोगों का है ये मत
धर्म के अलावा भी कई अन्य कारणों से लोगों को अपना देश छोड़ कर भागना पड़ता है. उन्हें भी इस कानून में शामिल होना चाहिए. अन्तर्राष्ट्रीय संधियों के मुताबिक भारत धर्म आधारित कानून नहीं बना सकता. वहीं सरकार का कहना है कि पड़ोसी देश में अल्पसंख्यक समुदाय के साथ बहुत ज़ुल्म हो रहा है इसलिए भारत में उनके लिए विशेष कानून बनाया गया है.

बुधवार को होने वाली सुनवाई पर सबकी नज़र है क्योंकि इसका असर देश भर में होने वाले विरोध प्रदर्शन पर पड़ेगा. बता दें सीएए के विरोध में देश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

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First published: January 22, 2020, 5:44 AM IST
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