आंध्र प्रदेश के CM जगनमोहन रेड्डी को पद से हटाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

जगनमोहन रेड्डी के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गई है.
जगनमोहन रेड्डी के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गई है.

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जनहित याचिका में कहा गया है कि जगन मोहन रेड्डी को मुख्यमंत्री के पद से हटा दिया जाना चाहिए, क्योंकि उन्‍होंने सार्वजनिक तौर पर शीर्ष अदालत के दूसरे वरिष्ठतम जज जस्टिस एनवी रमन्‍ना के खिलाफ बिना किसी आधार के अपमानजनक आरोप लगाए.

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नई दिल्‍ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के मौजूदा दूसरे सबसे वरिष्‍ठतम जज जस्टिस एनवी रमन्‍ना (NV Ramana) के खिलाफ अपमानजनक टिप्‍पणी के मामले में आंध्र प्रदेश के मुख्‍यमंत्री जगनमोहन रेड्डी (Jagan mohan Reddy) की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. इस मामले में दाखिल जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होनी है. इस जनहित याचिका में मांग की गई है कि जगनमोहन रेड्डी को पद से हटाया जाए.

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस उदय उमेश ललित की अध्यक्षता वाली पीठ इस जनहित याचिका पर सुनवाई करेगी, जिसमें जगनमोहन रेड्डी की ओर से जस्टिस एनवी रमन्‍ना के खिलाफ लगाए गए आरोप के संबंध में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) एसए बोबडे को लिखे गए पत्र से संबंधित स्‍पष्‍टीकरण भी मांगा जाएगा.

इस जनहित याचिका को वकील जीएस मणि, प्रदीप कुमार और एसके यादव ने दाखिल किया है. इसमें कहा गया है कि जगनमोहन रेड्डी के खिलाफ कोर्ट में 20 से अधिक आपराधिक मामले चल रहे हैं. इनमें मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामले भी शामिल हैं, जो कि काफी गंभीर हैं.



सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जनहित याचिका में कहा गया है कि जगनमोहन रेड्डी को मुख्यमंत्री के पद से हटा दिया जाना चाहिए, क्योंकि उन्‍होंने सार्वजनिक तौर पर शीर्ष अदालत के दूसरे वरिष्ठतम जज जस्टिस एनवी रमन्‍ना के खिलाफ बिना किसी आधार के इस तरह के अपमानजनक आरोप लगाए. दलील में कहा गया कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में उनके निष्कासन के लिए उचित कार्रवाई उनके खिलाफ तत्काल शीर्ष अदालत द्वारा की जानी चाहिए.

याचिका में यह भी मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा या रिटायर्ड जस्टिस या सीबीआई जैसी अथॉरिटी की ओर से जगनमोहन रेड्डी द्वारा जस्टिस एनवी रमन्‍ना के खिलाफ लगाए गए अस्‍पष्‍ट आरोपों के संबंध में न्‍यायिक जांच कराई जाए.
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