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प्रदूषण से दिल्ली वासियों को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कही ये 10 बातें

दिल्ली में प्रदूषण बीते कुछ दिनों से खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है.

दिल्ली में प्रदूषण बीते कुछ दिनों से खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है.

प्रदूषण (Pollution) पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस दीपक गुप्ता की बें ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली. दिल्ली समेत उत्तर भारत के प्रदूषण (Air Pollution) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) बेहद सख्त है. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हुई सुनवाई में प्रदूषण पर नियंत्रण के उपायों को नाकाफी मानते हुए केंद्र और राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई. आइए जानते हैं प्रदूषण से दिल्ली के लोगों को बचाने के लिए शीर्ष अदालत ने क्या-क्या बातें कही:-

    1## कोर्ट ने प्रदूषण पर कड़ी फटकार लगाते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा, 'लोगों को जबरदस्ती गैस चैंबर में क्यों रहने को कहा जा रहा है. इससे बेहतर है कि उन्हें एक ही बार में मार दिया जाए.' सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रदूषण पर जिस तरह से ब्लेम गेम चल रहा है, उससे हम हैरान हैं. लोगों को तिल-तिलकर मारने से अच्छा है कि 15 बैग में विस्फोटक भर कर उन्हें एक ही बार में खत्म कर दिया जाए.

    2## जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने केंद्र और दिल्ली सरकार से कहा कि वे एक साथ बैठकर दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्मॉग टावर लगाने के बारे में 10 दिन के अंदर ठोस निर्णय लें, जो वायु प्रदूषण से निबटने में मददगार होगा.

    3## बेंच ने कहा कि हवा की खराब गुणवत्ता और जल प्रदूषण की वजह से इंसान के जीने का अधिकार ही खतरे में पड़ रहा है. राज्यों को इससे निबटना होगा, क्योंकि इसकी वजह से जीने की उम्र कम हो रही है.

    4## सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'समय आ गया है कि राज्य सरकारें यह बतायें कि उन्हें हवा की खराब गुणवत्ता से प्रभावित लोगों को मुआवजा क्यों नहीं देना चाहिए? सरकारी तंत्र को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहने के लिए क्यों नहीं उनकी जिम्मेदारी निर्धारित की जानी चाहिए?'

    SUPREME COURT
    सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है.


    5## कोर्ट ने जल प्रदूषण के मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए केंद्र और दिल्ली दोनों की ही आलोचना की. बेंच ने कहा कि वे आरोप-प्रत्यारोप लगाने का खेल नहीं खेल सकते, क्योंकि इस स्थिति से जनता ही परेशान होगी.

    6## बेंच ने कहा कि देश के छह शहरों, इनमें से तीन यूपी में हैं, दिल्ली से ज्यादा प्रदूषित हैं. वायु की गुणवत्ता, सुरक्षित पेयजल और कचरा मैनेजमेंट जैसे मुद्दे देश के हर हिस्से को प्रभावित कर रहे हैं. बेंच ने कहा कि ऐसा लगता है कि यह मामला अपनी प्राथमिकता खो चुका है.

    7## सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ते प्रदूषण पंजाब सरकार को भी कड़ी फटकार लगाई. कोर्ट ने पंजाब के चीफ सेक्रटरी से कहा, 'हम लोगों के साथ ऐसे व्यवहार कैसे कर सकते हैं? लोगों को मरने के लिए कैसे छोड़ा जा सकता है. बताइए कि हमारे आदेश के बाद भी पराली जलाने में बढ़ोतरी क्यों हुई है? क्या यह आपकी विफलता नहीं है?'

    कोर्ट ने सख्ती से कहा, 'पंजाब के चीफ सेक्रटरी महोदय, हम राज्य में प्रदूषण के लिए उत्तरदायी सारे काम रुकवा देंगे. आप लोगों को ऐसे मरने नहीं दे सकते. दिल्ली की सांस फूल रही है. आप नियमों को लागू करने में सक्षम नहीं हैं. इसका मतलब यह नहीं है कि दिल्ली के लोग कैंसर से मर जाएं.'


    8## प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) से दिल्ली में चल रही फैक्ट्रियों पर रिपोर्ट फाइल करने को कहा है. इसमें प्रदूषण के दुष्प्रभाव का ब्योरा होगा.

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    सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ते प्रदूषण पंजाब सरकार को भी कड़ी फटकार लगाई.


    9## कोर्ट से दिल्ली सरकार से कहा कि वह बताए कि स्मॉग निरोधक डिवाइस के मामले में क्या कदम उठाये गए हैं. यह डिवाइस फैले प्रदूषण के कणों को नीचे लाने के लिए ऑटोमैटिक तरीके से हवा में 50 मीटर तक पानी का छिड़काव करता है.

    10## बेंच ने केंद्र को तीन दिन के अंदर उच्च स्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया, जो प्रदूषण से निबटने के बारे में दूसरे टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के तरीकों पर विचार करेगी. केंद्र को इस संबंध में तीन हफ्ते में अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी. (PTI इनपुट के साथ)

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    Tags: Air pollution, Supreme Court

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