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सुप्रीम कोर्ट ने NRC को-ऑर्डिनेटर प्रतीक हजेला का असम से मध्‍य प्रदेश किया ट्रांसफर, जान को था खतरा!

News18Hindi
Updated: October 18, 2019, 12:00 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने NRC को-ऑर्डिनेटर प्रतीक हजेला का असम से मध्‍य प्रदेश किया ट्रांसफर, जान को था खतरा!
शीर्ष अदालत ने एनआरसी के असम समन्‍वयक प्रतीक हजेला के मध्‍य प्रदेश ट्रांसफर की कोई वजह नहीं बताई है.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने प्रतीक हजेला (Prateek Hajela) के ट्रांसफर की कोई वजह नहीं बताई है. हालांकि, सूत्रों ने News18 को बताया कि उनकी जिंदगी को खतरे (Threat to Life) के कारण शीर्ष अदालत ने ट्रांसफर किया है.

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  • Last Updated: October 18, 2019, 12:00 PM IST
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नई दिल्‍ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजंस (NRC) के असम समन्‍वयक (Assam Coordinator) प्रतीक हजेला का मध्‍य प्रदेश (MP) ट्रांसफर कर दिया है. शीर्ष अदालत ने हजेला के ट्रांसफर की कोई वजह नहीं बताई है. हालांकि, सूत्रों ने News18 को बताया कि हजेला को जान का खतरा था. इसलिए शीर्ष अदालत ने उनके ट्रांसफर का फैसला लिया. दरअसल हजेला ने सुप्रीम कोर्ट को एक गोपनीय रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया.

CJI ने अटॉर्नी जनरल के ट्रांसफर की वजह के सवाल पर पूछा सवाल
शीर्ष अदालत ने सरकार से सात दिन के भीतर प्रतीक हजेला का ट्रांसफर अधिसूचित (Notify) करने को कहा है. सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल (KK Venugopal) ने मुख्‍य न्‍यायाधीश रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) से हजेला के ट्रांसफर की वजह पूछी तो सीजेआई ने पलटकर पूछ लिया कि क्‍या कोई भी ट्रांसफर बिना वजह के होता है. हालांकि, उन्‍होंने ट्रांसफर का कारण बताने से इनकार कर दिया. इससे पहले मध्‍य प्रदेश के रहने वाले प्रतीक हजेला ने सुप्रीम कोर्ट में एक गोपनीय रिपोर्ट सौंपकर अपने ट्रांसफर की मांग की थी.

अंतिम सूची जारी होने के बाद कई संगठन बना रहे थे हजेला को निशाना

प्रतीक हजेला असम-मेघालय कैडर के 1995 बैच के आईएएस अधिकारी (IAS Officer) हैं. उन्‍हें असम में नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजंस की पूरी प्रक्रिया के पर्यवेक्षण (supervision) की जिम्‍मेदारी दी गई थी. असम में एनआरसी की अंतिम सूची 31 अगस्‍त 2019 को जारी की गई. अंतिम सूची से असम के 19 लाख से ज्‍यादा लोग बाहर रह गए. माना जा रहा है कि इसके बाद हजेला को सांप्रदायिक और भाषाई आधार जैसे संवदेनशील मुद्दों पर निशाना बनाया जाने लगा.

जानबूझकर लोगों का नाम अंतिम सूची से बाहर करने का लगा आरोप
31 अगस्‍त को जारी एनआरसी की अंतिम सूची (Final List) में कथित विसंगतियों (Discrepancies) के कारण पिछले महीने दो बार हजेला पर मामले भी दर्ज (Booked Twice) कराए गए. कुछ संगठनों ने आरोप लगाया कि लोगों ने एनआरसी में अपना नाम दर्ज कराने के लिए सही दस्‍तावेज दिए थे. बावजूद इसके एनआरसी समन्‍वयक हजेला ने गोरिया, मोरिया और कई अन्‍य नाम वाले लोगों को जानबूझकर (Intentionally) अंतिम सूची से बाहर कर दिया. उन्‍होंने आरोप लगाया कि प्रतीक हजेला ने जानबूझकर असम के मूल निवासियों (Sons of Soil) के साथ ज्‍यादती की है.
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First published: October 18, 2019, 11:39 AM IST
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