अपना शहर चुनें

States

सुप्रीम कोर्ट का फैसला- तीन तलाक के आरोपी को अदालत दे सकती है अग्रिम जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को  लेकर अहम फैसला दिया है.  (फाइल फोटो)
सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को लेकर अहम फैसला दिया है. (फाइल फोटो)

Triple Talaq Law: सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि आरोपी पति अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल कर सकता है. यानी उसे बिना सरेंडर किया ज़मानत याचिका दाखिल करने का अधिकार होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 30, 2020, 11:12 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. तीन तलाक कानून (Triple Talaq Law) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को अहम फैसला दिया. उच्चतम न्यायालय ने केरल (Kerala) के एक दम्पति के मामले में फैसला सुनाते हुए बुधवार को साफ कर दिया कि तीन तलाक के आरोपी पति को अदालत अग्रिम जमानत दे सकती है. इससे पहले ये समझा जाता था कि अगर कोई मुस्लिम महिला या उसके रिश्तेदार किसी व्यक्ति पर तीन तलाक देने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराते हैं तो उस व्यक्ति को सीधा जेल भेजा जाएगा. उसे अग्रिम जमानत नहीं मिलेगी. यानी उस आरोपी को पुलिस में सरेंडर करना होगा, जेल जाना होगा और फिर अदालत महिला का पक्ष सुनने के बाद ये तय करेगा कि आरोपी पति को ज़मानत दी जाएगी या नहीं.

मोदी सरकार ने पिछले साल Muslim Women (Protection of Rights on Marriage) Act 2019 कानून लाकर मुस्लिम महिलाओं को सुरक्षा देने की बात कही थी. इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है और कहा गया था कि ये कानून एकतरफा है. इसे संतुलित करने की ज़रूरत है. फिलहाल ये मामला संविधान पीठ में लंबित है.

सिर्फ जमानत के मामले में दिया फैसला
उस याचिका से अलग हटकर आज सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ ज़मानत के मामले में फैसला दिया है. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि आरोपी पति अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल कर सकता है. यानी उसे बिना सरेंडर किया ज़मानत याचिका दाखिल करने का अधिकार होगा. फिर अदालत शिकायतकर्ता महिला का पक्ष सुनेगा और इसके बाद अदालत तय करेगा की पति को ज़मानत दी जाएगी या नहीं.



सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के मुताबिक आरोपी पति जेल जाने से बच सकता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज